घाटशिला : बाल विवाह प्रशासन के हस्तक्षेप से एक नाबालिग बालिका वधू बनने से बची

नाबालिग बालिका-वधू nabalig balvivaah ghaatshila घाटशिला :  मुसाबनी प्रखंड के बेनाशोल में एक नाबालिग बालिका वधू बनने से बच गई. चाइल्ड लाइन की पहल पर मुसाबनी प्रशासन ने सोमवार को बेनाशोल पहुंच विवाह रोक दिया. नाबालिग उत्क्रमित उच्च वद्यिालय बेनाशोल में वर्ग नौ की छात्रा है.

झाड़ग्राम में होनी थी शादी : बेनाशोल निवासी राकेश दास ने अपनी नाबालिग  की शादी झाड़ग्राम में तय की थी.  शादी बेनाशोल में होनी थी. तभी चाइल्ड लाइन को जानकारी मिल गई और शादी रुक गई.

 

चाइल्ड लाइन ने बीडीओ को भेजा पत्र : चाइल्ड लाइन से बाल विवाह रोकने संबंधी एक पत्र मुसाबनी बीडीओ को प्राप्त हुआ. पत्र में कहा गया था कि चाइल्ड लाइन कॉल सेंटर पर सूचना मिली है कि बेनाशोल निवासी राकेश दास अपनी 14 वर्षीय पुत्री छाया रानी दास की शादी करने जा रहे हैं. जांच कर बाल विवाह को अविलंब रोका जाए.




 

पत्र पर संज्ञान ले बीडीओ-सीओ पहुंचे गांव : इधर, पत्र पर संज्ञान लेते हुए बीडीओ संतोष गुप्ता व सीओ साधु चरण देवगम थाना प्रभारी सुरेश लिंडा, बेनाशोल पंचायत की मुखिया शुक्र मणि हेम्ब्रम के साथ राकेश दास के घर पहुंचे. वहां पूछताछ में पता चला कि नाबालिग  की शादी आज ही होने जा रही है.

बच्ची के पिता से भरवाया बॉन्ड : अधिकारियों को झाड़ग्राम से बारात आने की बात बताई गई. इसके बाद अधिकारियों ने लड़की के पिता राकेश दास को अविलंब विवाह रोकने का निर्देश दिया. कहा, जब पुत्री की उम्र 18 वर्ष से ऊपर होगी तभी उसकी शादी कराएं. अधिकारियों ने इस संबंध में लड़की के पिता से बॉन्ड भी भरवाया.

वर पक्ष को बताया नाबालिग से शादी अपराध : अधिकारियों ने वर पक्ष को झाड़ग्राम फोन कर निर्देश दिया कि नाबालिग लड़की की शादी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार अपराध है. वर और बाराती दोनों को गिरफ्तार किया जा सकता है. इसलिए आप बारात लेकर न आएं. इसके बाद नाबालिग  का बाल विवाह प्रशासन के हस्तक्षेप से रुक गया.





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