NEWS11

Jharkhand Jharkhand Top Ranchi

आदित्‍य राकेश – झारखंड पुलिस का रॉक स्‍टार सिपाही, देश की रक्षा के साथ है संगीत का जुनून

  • झारखंड पुलिस का जवान पहुंचने वाला है बॉलीवुड, अपने गायन का कई बार मनवा चुका है लो‍हा

रांची : कभी न रुके कभी न झुके’ झारखंड का पहला पुलिस एंथम जिसे झारखंड पुलिस के आदित्य राकेश ने लिखा है और गाया भी है. आदित्य राकेश पुलिस की नौकरी के साथ-साथ अपने संगीत के जुनून को कायम रखते हुए संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. आदित्य राकेश से बातचीत की हमारी संवाददाता शर्मिष्ठा दत्ता ने…

पुलिस एक ऐसा नाम जिसे सुनकर मन में एक अलग ही नकारात्मक छवि उभरने लगती है. लेकिन इसके ठीक विपरीत एक पुलिसवाला ऐसा भी है जो स्वभाव से इतना सौम्य है और इतना बेहतरीन गाना गाता है कि कोई भी मंत्रमुग्ध हो जाए. जी हां चौकिये मत… हम बात कर रहे हैं झारखंड पुलिस के एक ऐसे जवान के बारे में जो पुलिस की साकारात्‍मक छवि को दर्शाता है. आदित्य राकेश जो कोडरमा में पदस्थापित है. पुलिस की नौकरी के साथ-साथ अपने संगीत के जुनून को कायम रखते हुए इन्होंने  संगीत के क्षेत्र में एक अलग ही पहचान बनाई है, और यह साबित कर दिया कि दिल में लगन हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है.

इन्होंने  झारखंड पुलिस के लिए “कभी ना रुके कभी ना झुके” गीत बनाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस गीत के बारे में इन्होंने कहा कि पुलिस का नमक खाया है तो अपनी तरफ से यह गीत समर्पित करता हूं. इस गीत के लिए आदित्य को इप्सोवा के कार्यक्रम में  राज्यपाल के द्वारा “झारखंड आईकॉन” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. मूल रूप से हजारीबाग जिला अंतर्गत केरेडारी प्रखंड के केमो गांव के रहने वाले आदित्य राकेश की दसवीं तक की शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई. उसके बाद इन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से स्नातक तक की पढ़ाई की. बचपन से संगीत में रुचि रखने वाले आदित्य के घर की माली स्थिति ठीक नहीं थी. पिता प्रयाग देव पांडे एक साधारण प्राइवेट नौकरी करते थे और माता मीना देवी गृहणी.

आदित्‍य राकेश में एक अलग प्रतिभा थी, मगर गरीबी के कारण उसकी प्रतिभा को निखारने वाला कोई नहीं था. इस कारण आदित्य घर से भागकर संगीत सीखने के लिए गया चले गए जहां, अपने गुरु नितेश सिंह के साथ रहकर उनकी सेवा कर के संगीत सीखने लगे. घर का बड़ा होने के कारण घर की भी जिम्मेवारी उनके कंधों पर थी, इसलिए बीच में पुलिस की भर्ती में शामिल हुए और उनकी भर्ती हो गई. पुलिस में आने के बाद उनका संगीत पूरी तरह से छूट गया, लेकिन ट्रेनिंग के बाद इन्होंने अपने छूटे हुए संगीत पर फिर से ध्यान देना शुरू किया और जो भी उन्होंने गुरुजी से सीखा था, उसको खुद से रियाज करके निखारना शुरू कर दिया. इसी क्रम में उन्होंने 2017 में एक वीडियो एल्बम लॉन्च किया, जिसका नाम “मेरे मौला” था,  जिसको उन्होंने खुद लिखा था और कंपोज भी किया था. इस एल्बम से उनको गायक के रूप में पहचान मिली, उसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा. अब वे खुद लिखते भी हैं और एक अच्छे कंपोज़र भी हैं. उसके बाद उन्होंने कई बेहतरीन गाने गाए और कविता भी लिखी. इनकी लिखी कविता “मैं सेवक हूं” सोशल मीडिया पर काफी चल रही है. इतना ही नहीं अब मुंबई की तरफ रुख कर चुके हैं, और बहुत जल्द अपने गानों के जरिए बॉलीवुड में कदम रखने जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि 2 फिल्मों में गाने का अवसर मिला है और कुछ में बात चल रही है.

अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने का श्रेय वह कोडरमा एसपी रहे सुरेंद्र कुमार झा को देते हैं. वे कहते हैं कि सुरेंद्र कुमार झा ही वो शख्स हैं, जिन्होंने मेरा गाना सुनकर मेरी प्रतिभा को पहचाना और मुझे मेहनत करने के लिए प्रेरित किया. आज मैं जो कुछ भी हूं इसमें उनका बहुत बड़ा योगदान है. वह मेरे प्रेरणास्रोत हैं. आदित्य राकेश का सपना  बॉलीवुड के बहुत बड़ा गायक बनना है.

Related posts

झारखंड में श्‍याम स्‍टील की हुई एंट्री, रांची के बाद धनबाद में भी शुरू

Sanjeev

मसलिया में भूकम्प के झटके से कच्‍चे मकानों में पड़ीं दरारें

Manoj Singh

रोटरी क्लब गिरिडीह ग्रेटर ने किया रक्तदान शिविर का आयोजन, 50 यूनिट रक्त संग्रह किया

Manoj Singh

लालू प्रसाद के इलाज में लगे रिम्‍स चिकित्सक परेशान, दो दिन से नहीं खा रहे हैं भोजन

Sanjeev

गोड्डा : मंदिर के बगल में शराबियों का जमावड़ा, आक्रोशित लोगों ने विरोध में निकाली रैली

Manoj Singh

चुनावी नतीजों के बाद रिम्‍स में लगा सियासी दरबार, लालू यादव ने राजद नेताओं को दिया गुरुमंत्र

Sanjeev