शाह ब्रदर्स मामले में महाधिवक्ता अजीत कुमार की पीसी, कहा- डॉ अजय कुमार को समझाएं राहुल गांधी

रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस के द्वारा लगाये गये आरोप के बाद महाधिवक्ता अजीत कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस किया. उन्‍होंने कहा कि ये मामला एमएमडीआर एक्ट का है. 2013 से 2017 तक किसी भी खनन पट्टा धारियों से एक रुपये भी नहीं वसूल हो पाई. सर्वोच्च न्यायालय और खनन न्यायपीठ के आदेश के मुताबिक सबकुछ हुआ. उषा मार्टिन के मामले में 10 प्रतिशत राशि के भुगतान पर स्थगन आदेश जारी हुआ था. 33 प्रतिशत राशि के भुगतान का आदेश हिंडाल्को को हुआ. कोल इंडिया से 1400 करोड़ की राशि मांगी गई थी लेकिन 200 करोड़ देने पर स्थगन आदेश पारित हुआ, ये सभी भुगतान अंतरिम हैं.

उन्‍होंने कहा कि शाह ब्रदर्स मामले में मैंने महाधिवक्ता के तौर पर पक्ष रखा और अंतरिम आदेश के तहत 100 प्रतिशत राशि के भुगतान का आदेश पारित कराया. अगर किसी को परेशानी है तो रिव्यू पेटिशन डाल सकता है या आईए पेटिशन दायर कर सकता है. न्यायालय में विचाराधीन मामलों में अदालत के बाहर कुछ कहना अवमानना होगी. ये मेरी भी मानहानि का मामला है. महाधिवक्ता के पद पर रहते हुए मैंने ईमानदारी से काम किया है. 10 प्रतिशत की राशि के भुगतान के बदले 100 प्रतिशत के भुगतान का आदेश करवाना कहां से गलत है.




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महाधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा कि राजनीति से अलग हटकर राज्यहित में सभी को काम करनी चाहिए. अजय कुमार पूर्व के आदेशों को देखते तो सवाल उठाने से पहले सोचते. संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की कार्यवाही पर सवाल उठना गलत है. सिर्फ विरोध करना महाधिवक्ता का काम नहीं है. मेरी ईमानदारी पर अजय कुमार शक न करें. छह वर्ष के बाद राशि का भुगतान होने जा रहा है, लेकिन इसका विरोध किया जा रहा है. मामले में जिसे पूरी जानकारी चाहिए वो मेरे पास आएं. अब तक मैं प्रताड़ना झेल रहा हूं. इस प्रकरण से राज्य के अधिवक्ता आक्रोशित है. मेरी भी एक बर्दाश्त की सीमा है. ये क्रिमिनल कंटेम्प्ट का मामला है और अदालत की तौहीन है. स्टेट बार काउंसिल के तौर पर राज्य के अधिवक्ताओं का रोल मॉडल हूं. उन्‍होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे डॉ. अजय कुमार को इस मुद्दे पर समझाएं.





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