कृमि मुक्ति दिवस पर बच्‍चों को खिलायी गई अल्‍बेंडाजोल की गोली

लोहरदगा : जिले में दस अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाई गई. इसकी शुरुआत लोहरदगा के उपायुक्त विनोद कुमार ने पावरगंज मिडिल स्कूल में की. उपनगरीय क्षेत्र पतराटोली स्थित एसपी मुखर्जी सरस्वती शिशु मंदिर में भी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाई गई.

शिक्षकों ने कृमि से बचने की दी जानकारी

इस मौके पर स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बताया कि कृमि परजीवी होते हैं. जो जीवित रहने के लिए मनुष्य की आंत में रहते हैं. इससे बच्चों का विकास रूक जाता है. बच्चों में आमतौर पर तीन तरह के कृमि पाए जाते हैं. राउंड कृमि, व्हिप कृमि और हुक कृमि. कृमि कई कारणों से बच्चों के पेट में पहुंच सकते हैं. जैसे नंगे पैर खेलने से, बिना हाथ धोए खाना खाने से, खुले में शौच करने से, साफ सफाई न रखने से होता है.

कृमि संक्रमण से होती है कुपोषण

कृमि संक्रमण के हानिकारक प्रभाव भी होते हैं. जैसे खून की कमी, कुपोषण, भूख न लगना, कमजोरी, बेचैनी महसूस होना, पेट में दर्द और जी मचलना, उल्टी और दस्त आना, वजन में लगातार कमी आना ये सब लक्षण पाये जाते हैं. बच्चों को कृमि नियंत्रण के फायदे यह होते हैं कि खून की कमी में सुधार होता है. बेहतर पोषण स्तर होता है, साथ ही स्कूल में उपस्थिति और सीखने की क्षमता में सुधार आती है. भविष्य में कार्यक्षमता में बढ़ोत्‍तरी होती है.




19 साल के सभी बच्‍चें लें अल्बेंडाजोल की गोली

इसलिए भारत सरकार और राज्य सरकार ने अल्बेंडाजोल की गोली कृमि नियंत्रण के लिए सभी बच्चों को देने का फैसला लिया है. एक से 19 साल के सभी बच्चों को यह गोली आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल में खिलाई गई.

अभिभावकों को मिली जानकारी

इसके अलावा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों और अभिभावकों को बताया कि नाखून साफ और छोटा रखें. पीने के पानी को हमेशा ढक कर रखें. खुले में रखा भोजन न करें. साफ पानी से फल और सब्जियां धोएं. घर के आसपास सफाई रखें, खुले में शौच न करें, हाथ साबुन से धोएं, विशेषकर खाने से पहले और शौच जाने के बाद हाथ धोना जरूरी है. स्कूल के सभी बच्चों को इस मौके पर अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई. कार्यक्रम को सफल बनाने और बच्चों को जानकारी देने में स्कूल की शिक्षिका सोनी गुप्ता, पूजा कुमारी, राधिका कुमारी आदि ने योगदान दिया.





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