अश्लीलता की सभी हदें पार : बार बालाओं के ठुमकों के साथ दी गई शहीद को श्रद्धांजलि (देखें वीडियो)

अश्लीलताबाघमारा : अश्लीलता परोसना हमारा मकसद नहीं, पर कुछ ऐसा दृश्य जो अपनेआप में पूरे समाज को शर्मशार करने का काम कर रही है. इसलिए हमारा मकसद समाज को जगाना है. झारखण्ड के क्रांतिदूत कहे जानेवाले शहीद शक्तिनाथ जयंती के 41वें शहादत दिवस पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी टाटा सीजुआ में नौ दिवसीय मेले का आयोजन किया गया. 05/12/18 की रात ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया. इस आयोजन को देखने के लिए सैंकड़ो की संख्या में महिलाएं सहित हजारों की भीड़ इकट्ठा भी हुई.

इस रंगारंग कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिमय गाने की प्रस्तुति से की गयी, पर जैसे-जैसे रात बीतने लगी, आयोजन में अश्लीलता हदें पार करने लगी. गाने में फूहड़पन और डांस में अश्लीलता पूरी तरह बढ़ चुकी थी. अब यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहीद के शहादत पर ये कैसी श्रद्धांजलि है? आयोजक जो शहीद के परिजन बताये जाते हैं, उनके मन में क्या है, जो इस तरह के आयोजन करते हैं. बता दें कि इसी तरह के आयोजन हर वर्ष किये जाते हैं. जो कहीँ न कहीँ मानवता को शर्मशार करनेवाली बात है.




चंदे के रूप में होती है मोटी रकम की उगाही

इस आयोजन को सफल बनाने में एक मोटी रकम की उगाही भी चंदे के रूप में की जाती है. पर उस रकम को इस तरह से खर्च करना किस रूप से श्रद्धांजलि लगती है यह सोचने का विषय है. इनके सम्मान में विधानसभा में इनकी तस्वीर भी लगायी गयी है. पर अपने लोग ही जब शर्मशार करें तो सम्मान को ठेस लगनेवाली बात तो जरूर होगी.

शहीद शक्तिनाथ ने बंधुआ मजदूरी, सूदखोरी जैसी कुरीतियों के खिलाफ लड़ी थी बड़ी लड़ाई

अब शहीद शक्तिनाथ के इतिहास पर एक नजर डालते हैं. बंधुआ मजदूरी, सूदखोरी जैसी कुरीतियों के खिलाफ इन्होंने बड़ी लड़ाई लड़ी थी. खदानों में रात्रि पाली में महिलाओं से कार्य लेने पर हमेशा के लिये रोक लगाना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धता थी. इन्हीं सभी लड़ाइयों के कारण उनकी हत्या भी कर दी गयी. और आज ओ दिन है जब उनके शहादत दिवस पर बार बालाओं के ठुमके लगाए जाते हैं.





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