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भालू के हमले में एक ही गांव के तीन लोगों की मौत से ग्रामीणों में दहशत, डर से स्‍कूल नहीं जा रहे बच्‍चे

पूरा गांव दहशत मेंगुमला : शुक्रवार को भालू के हमले में गुमला जिले के भरनो प्रखंड के खरतंगा गांव में तीन लोगों की मौत हो गई थी. भालू के आतंक से पूरा गांव दहशत में है. पूरे गांव के किसी भी घर में चुल्‍हा नहीं जला है. ग्रामीण अपने बच्‍चों को बिस्‍कुट खिलाकर रख रहे हैं. ग्रामीणों में इतना दहशत है कि लोग सो भी नहीं पा रहे हैं. ग्रामीण सुरक्षा की मांग को लेकर शनिवार की सुबह से ही लाठी डंडे और पारंपरिक हथियारों से लैस होकर गांव के मैदान में डेट हुए हैं. भरनो थाना प्रभारी धर्मपाल कुमार, वन विभाग के कर्मचारी, स्थानीय नेता सभी ग्रामीणों को सुरक्षा देने के साथ समझाने में लगे हुए हैं. दहशत के मारे गांव के मीडिल स्कूल में भी बच्चों की उपस्थिति नगण्य रही.

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वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि जल्‍द दिलाने का दिया आश्‍वासन

भरनो प्रखंड के खरतंगा गांव में भालू के हमले में सुधनाथ बड़ाईक, फूलो मुंडा और प्रमिला उरांव की मौत के बाद गांव पहुंचे पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव, डीएफओ श्रीकांत बर्णवाल, एसडीओ गुमला, सीओ भरनो, मुखिया माधुरी देवी, भाजपा के संतोष पांडा, अनिल गुप्ता, अशोक केशरी, मुन्ना शाही मृतक के परिजनों से मिले और उन्हें ढाढस बंधाते हुए प्रशासन की ओर से दी जाने वाली राशि दिलवाने का आश्‍वासन दिया. डीएफओ श्रीकान्त बर्णवाल ने मृतक के परिजनों को आश्‍वस्‍त करते हुए 10 दिनों के अंदर मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख की राशि विभाग द्वारा देने की बात कही.


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आठ बच्‍चों का पिता था सुधनाथ, अब घर में कमाने वाला कोई नहीं



खतरंगा गांव निवासी मृतक सुधनाथ बड़ाईक के आठ बच्चे हैं. सुधनाथ गुमला में रिक्सा चलाने का कार्य करता था. घटना के बाद सुधनाथ की पत्नी सीतामुनि देवी और उसके छोटे-छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. सुधनाथ घर का एकलौता कमाउ सदस्‍य था. मृतक की पत्नी सीतामुनि ने बताया कि सुधनाथ आठ दिन पहले ही खेती-बाड़ी करने के लिए गुमला से घर आया था. जब वह अपने खेतों में काम कर रहा था, तभी किसी ने सुधनाथ को फूलो पर भालू द्वारा हमले की सूचना दी. सुधनाथ फूलो को बचाने गया जहां भालू के हमले में फूलो और सुधनाथ दोनों की मौत हो गई.

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दो नये भालू गांव में मचा रहे आतंक

भरनो प्रखंड के खरतंगा के ग्रामीणों की मानें तो खरतंगा पहाड़ के जंगलों में 15 से 20 की संख्या में भालू का झुण्ड कई सालों से डेरा जमाए हुए है, परंतु ये भालू ग्रामीणों से सामना होने के बाद भी उन्‍हें  कभी नुकसान नहीं पहुंचाया था. परंतु दो नये जंगली भालू कही से भटककर उसी पहाड़ी पर आ धमका है, जिससे पहले से रह रहे भालुओं से उसकी जमकर लड़ाई भी हुई. ग्रामीणों के अनुसार खरतंगा पहाड़ी से रातभर भालुओं के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी. लड़ाई के बाद भालु गुस्‍से में ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं.

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कोयराना गांव के एक युवक को भी भालू ने किया घायल

भरनो खरतंगा गांव में शानिवार की सुबह भालू के मारे जाने की अफवाह भी उड़ी. वहीं खरतंगा से सटे लापुंग थाना क्षेत्र के कोयनारा गांव निवासी मिच्चा उरांव का 14 वर्षीय पुत्र संजय मिंज को मवेशी चराने के दौरान भालू ने हमला कर घायल कर दिया. गंभीरावस्‍था में उसे इलाज के लिए रिम्‍स रेफर किया गया. उक्‍त जानकारी लापुंग थाना प्रभारी ने दी.

मालूम हो कि खरतंगा पहाड़ी के एक छोर पर भरनो थाना क्षेत्र पड़ता है और दूसरे छोर पर लापुंग थाना क्षेत्र का कोयनारा गांव स्थित है. जहां के युवक को भालू ने घायल कर दिया है.



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