अद्भूत : बोकारो के इस गांव में एक ऐसा चापानल, जिससे बिना चलाये 2001 से 24 घंटे निकलता है पानी (देखें वीडियो)

बोकारो बोकारो : बोकारो में एक अद्भूत तस्वीर देखने को मिल रही है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है. यहां एक चापाकल से लगातार पानी बह रहा है, वो भी बिना चलाये. बोकारो के पेटरवार प्रखंड के पूर्णा पानी गांव को पूर्ण पानी का वरदान, ये वरदान सचमुच किसी चमत्कार से कम नहीं है.

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बोकारो में एक चापाकल लगातार पानी उगल रहा है, वो भी बिना हिलाये-डुलाये. उसमें उपर का पम्प भी नहीं लगाया गया है. केवल बोरिंग से इतना पानी निकल रहा है कि आसपास के खेतों में हरियाली ला दिया है.  यहां के लोगों का मानना है कि गुजरात के कच्छ में 26 जनवरी 2001 को आया विनाशकारी भूकंप आया था. जो झारखंड के बोकारो के एक गांव पूर्णा के लिए पूर्ण पानी का वरदान साबित हुआ. अगर इसे चमत्‍कार कहा जाये तो शायद ही कोई विश्वास करे, लेकिन ये सत्य है और इसका जीता जागता प्रमाण है, 24 घंटे लगातार बहने वाला ये डीप बोरिंग. इस बोरिंग में ना कोई मोटर लगा है और ना ही इसके अंदर कोई समरसेवल पंप है. इसमें हैंडपंप जिसे स्थानीय भाषा में चापाकल कहते हैं भी नहीं लगा है. इसके बावजूद ये लगातार पानी उगलता है.

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2001 में गुजरात में आये भूकंप के बाद से लगातार निकल रहा है पानी




इस अद्भुत बोरिंग के बारे में गांववालों का कहना है कि पहले बोरिंग एक सामान्य बोरिंग हुआ करता था. लेकिन 2001 में जब कच्छ में भूकंप आया. तो उसके बाद से इससे लगातार पानी निकलने लगा. बिनी किसी उपकरण के गांव वालों की मानें तो गुजरात का आपदा पूर्णा गांव के लिए वरदान साबित हुआ. झारखंड के कई जिले सूखा प्रभावित है. यहां पीने के पानी की भारी कमी है. वहीं इस गांव में 24 घंटे एक बोरिंग पानी उगलता है. सचमुच में ये किसी वरदान से कम नहीं है. इस अद्भुत बोरिंग की वजह से पूरे गांव के खेंतों में आसानी से सिंचाई हो पाती है. जिससे यहां खूब फसल पैदा होता है तो पूरे गांव के लोग की प्यास भी बुझती है.

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यह चापानल कई बुंडू पंचायत के लिए वरदान

पूर्णा पानी गांव बोकारो शहर से 40 किलोमीटर दूर पेटरवार प्रखंड के बुण्डू पंचायत में है. यहां के मुखिया अजय सिंह का कहना है ये उनके पंचायत के लिए वरदान है. और ये आसपास के पंचायतों के लिए भी वरदान साबित हो सकता है. अगर सरकार इसपे ध्यान दे. इस बहते पानी को अगर सरकार संरक्षित करे, तो इससे कई पंचायत को लाभ मिल सकता है. बोकारो के उपायुक्त ने कहा कि हमे आपसे ये जानकारी मिली है, इसपर जरूर कार्य किया जायेगा, जिससे आसपास के गांवों में भी इस पानी को पहुंचाया जा सके.

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प्रकृति ने धरती को दिलखोल कर नेमतें दी है. दुनिया आश्चर्यों से भरा पड़ा है. एक आश्चर्य पूर्णा पानी का ये अद्भुत बोरिंग भी है. जो बिना किसी उपकरण की सहायता के 24 घंटे पानी उगलता है. अब जरूरत है प्रकृति से मिले इस वरदान को एक व्यवस्थित रूप देने की ताकि पूर्णा पानी गांव ही नहीं इसके आसपास के गांव भी पानी से पूर्ण हो.





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