Bhai Dooj: भाई दूज के दिन बहनों के यहां भोजन करने से बढ़ती है उम्र

Bhai Dooj day brother dooj grow age sisters eating foodधर्म: पूरे देश में कार्तिक शुक्ल द्वितिया को भैयादूज या भातृ द्वितिया मनाया जाता है. इस दिन बहनों के घर भोजन करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता. भातृ द्वितिया की तिथि को बहनों के यहां भोजन करने का खास महत्व है. इसी दिन यम ने अपनी बहन यमुना से नोत लेने के बाद यह वरदान दिया कि इस दिन जो भाई, बहन के यहां भोजन करेगा व आशीर्वाद लेगा उसकी उम्र बढ़ेगी व बहनों का सुहाग अमर रहेगा. इस दिन यमुना स्नान का भी महत्व है.

भाई दूज मुहूर्त

सुबह- 9.20 बजे से 10.35 तक

दोपहर- 1.20 बजे से 3.15 तक

शाम- 4.25 बजे से 5.35 बजे तक और 7.20 बजे से रात 8.40 बजे तक




ऐसी मान्यता है कि भैयादूज के दिन बहनों की गाली भी भाइयों को आशीर्वाद की तरह लगती है. इस दिन बहनें भाइयों के दीर्घायु की कामना के साथ गोधन कूटती हैं. गोबर का राक्षस बनाकर पूजा करती हैं. फिर उसे डंडे से पिटती हैं.

मिथिलांचल की परंपरा

मिथिलांचल के लोग इस दिन अपनी बहनों के यहां नोत लेने जरुर जाते हैं. नोत का मतलब बहनों का आशीर्वाद. इससे बहनों का सौभाग्य बढ़ता है. धार्मिक मान्यता है कि यमराज ने भी इसी दिन को अपनी बहन यमुना से नोत लिया था. बहनें नोत लेने के समय कहती हैं

यमुना नोतलन यम के हम नोतई छी अपन भाई के,

जेना यमुना में पाइन बढ़े हमर भैया के अड़ुदा(आयु) बढ़े.

भाइयों द्वारा नोत लेने के बाद यथा संभव उपहार देने की परंपरा है. इस दिन बहनों के हाथों से भोजन भी ग्रहण किया जाता है. नोत लेने के दौरान एक बड़े कठौत में पान, सुपारी, मखान, कोहरा के फूल आदि से तीन बार भाइयों के हाथों पर रखकर मंत्र पढ़ा जाता है. बाद में कठौत से अंकुरी निकाल कर बहन भाई को खिलाती है.





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