बोकारो : डायरिया ने ली बाप-बेटी की जान, बेटा भी अस्पताल में भर्ती, कई आक्रांत

डायरियाबोकारो : बोकारो के हरला थाना क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-9ए स्थित झुग्गी-झोपड़ियों के इलाके में इन दिनों डायरिया का प्रकोप अपने चरम पर है और जानलेवा बन चुका है. इसी कड़ी में बुधवार को एक ही परिवार  के दो लोगों की मौत डायरिया की चपेट में आने और इलाज के अभाव में हो गई. स्ट्रीट 11 निवासी 50 वर्षीय नागो रजक और उनकी 12 साल की बेटी खुशबू की जान डायरिया ने ले ली. वहीं मृतक का 10 वर्षीय बेटे रोहित की भी हालत गंभीर है. मृतक किसी तरह कपड़े धोकर और इस्त्री कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण किया करता था. मृतक के बड़े भाई रामविलास ने  कहा कि उसके छोटे भाई  की आर्थिक स्थिति  काफी खराब थी. कल से ही परिवार में नागो और उसकी बेटी लगातार उल्टी-दस्त से पीड़ित थे. रामविलास के अनुसार डायरिया की रोकथाम की दिशा में सरकारी व्यवस्था के अभाव में और आर्थिक तंगी के कारण उसके भाई व भतीजी की जान चली गयी. उसने बताया कि नागो का 10 वर्षीय पुत्र भी डायरिया की चपेट में आकर ग्लोबल हॉस्पिटल नामक एक निजी चिकित्सालय में भर्ती है.

हैजा फैलने की संभावना

एक निजी अस्पताल के डॉक्टर महेंद्र प्रसाद ने कहा कि जिस तरह से सेक्टर-9ए की झुग्गी-झोपड़ियों में लगातार इस तरह की शिकायतें आ रही है यह कहीं न कहीं हैजा की ओर इशारा कर रहा है और यह भी डायरिया का ही प्रकोप माना जाएगा. उन्होंने इस दिशा में सरकारी व्यवस्था बहाल किए जाने पर बल दिया. साथ ही बताया कि उनके अस्पताल में आए हुए एक मरीज की स्थिति गंभीर है. वह भी डायरिया से पीड़ित है. उसे लगातार उल्टी और दस्त हो रहे हैं तथा शरीर ठंडा पड़ गया है. जब तक उसका रक्तचाप सामान्य नहीं होगा, स्थिति ठीक नहीं कही जाएगी.




हर घर में लोग पीड़ित

इधर, मुहल्ले के लोगों का कहना है कि सरकार डायरिया की रोकथाम को लेकर तनिक भी ध्यान नहीं दे रही है. सेक्टर-9 बी रोड के स्ट्रीट- 11, 12 और 13 में लगातार डायरिया का भारी प्रकोप है. लगभग हर घर के लोग अस्पताल में भर्ती हैं. इसी क्रम में एक ही परिवार से दो लाशें निकलीं. लोगों ने उपायुक्त से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि डायरिया का प्रकोप कम हो सके. सूत्रों के अनुसार कई लोग डायरिया से पीड़ित होने के बाद बीजीएच एवं अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती हैं.

क्या कहते हैं डीसी

डायरिया के प्रकोप और इलाज के अभाव में पिता-पुत्री की मौत के बारे में पूछे जाने पर उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बर्णवाल ने कहा कि उन्होंने मामले की जानकारी मिलने के साथ ही घटनास्थल पर सिविल सर्जन एवं अन्य चिकित्सकों की टीम को भेज दिया है. डॉक्टर वहां पहुंच कर इलाज करने में लगे हुए हैं और मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रशासन डायरिया की रोकथाम की दिशा में तत्पर है. प्रभावित अन्य इलाकों का भी पता लगाया जा रहा है. आवश्यकतानुसार स्वच्छता के कार्यक्रम चलाए जाएंगे. उन्होंने ऐसी शिकायतें सामने आने पर तत्काल जिला प्रशासन को सूचित किये जाने की अपील भी लोगों से की है.





WhatsApp chat Live Chat