मकान मालिक भाई-बहन को बंधक बनाने का मामला : डॉक्टर के खिलाफ मशाल जुलूस, सजा की मांग

case mortgage landlord brother-sister Torch parade doctor demand punishmentबोकारो : सिटी थाना क्षेत्र के को-ऑपरेटिव के प्लाट नंबर-229 के मालिक भाई दीपक कुमार घोष और बहन मंजू श्री घोष के साथ अमानवीय व्यवहार को लेकर प्रोग्रेसिव लोकमंच के बैनर तले सैकड़ो की संख्या में शामिल लोगों ने चिकित्सक डॉ डीके गुप्ता को अर्थी में लेटाकर मशाल जुलूस निकाला. दोनों भाई-बहन को न्याय दिलाने औऱ चिकित्सक समेत अन्य दोषियों पर कारवाई की मांग को लेकर यह जूलुस को ऑपरेटिव से प्लांट नंबर-229 होते हुए कॉपरेटिव मॉल तक आकर रुका. हाथों में मशाल जूलूस और तख्ती में लिखे दोषियों को सजा की मांग व नारेबाजी के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया.

प्रोग्रेसिव लोकमंच के अध्यक्ष दिलीप ठाकुर ने कहा कि दीपक कुमार घोष दुर्गा पूजा कमिटि का सदस्य 20 वर्षो से था और जिस तरीके से अमानवीय व्यवहार किया गया उसके खिलाफ यहां पर आए हैं और दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग करते हैं.

वर्षों से घर में बंधक बनाकर रखा गया था

बताते दें कि पुलिस ने 13 अगस्त को घर से बदबूदार कमरे से 51 वर्षीय दीपक कुमार घोष और 54 वर्षीय बहन मंजूश्री को बंद कमरे से निकाला था. दोनों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. जहां भाई का पैर टूटा मिला वहीं बहन की स्थिति भी ठीक नहीं मिली थी. वर्ष 2001 में दोनों भाई बहन ने डॉ डीके गुप्ता को मकान किराए पर दिया था. लेकिन डॉ गुप्ता ने किराए पर लिए घर को अपने नाम पर न लेकर मंतोष को आगे रखा. मंतोष के  नाम से घर के बाहर दवा दुकान संचालित होती रही जबकि चिकित्सक घर के अंदर क्लिनिक और नर्सिंग होम चलाते रहे. करोड़ो की प्रॉपर्टी को हड़पने की साजिश को लेकर दोनों भाई-बहन को वर्षों से घर के अंदर बंद रखा गया और जो मानसिक स्थिति दोनों की दिख रही है उससे तो यह प्रतीत हो रहा है कि वर्षों से दोनों के साथ यहां पर खेल चल रहा था.



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