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देशद्रोह आरोपी रिटायर्ड प्रशासनिक पदाधिकारी की जेल में मौत, लाश को पूछने तक कोई नहीं आया

chaibasa deshdroh retired prashasanik-adhikari चाईबासा देशद्रोही चाईबासा : देशद्रोही के आरोप में चाईबासा जेल में बंद रामो बिरुआ की मौत हो गयी. रामो बिरुआ वही 80 वर्षीय सनकी रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी हैं जिसने झारखण्ड के कोल्हान प्रमंडल को अलग देश बताया था और कोल्हान को देश बनाने के लिए भारतीय संविधान के खिलाफ षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया था.

 

पुलिस ने उसे बीते एक जून को चाईबासा में ही एक घर से गिरफ्तार किया था. 80 साल के बुजुर्ग को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को हथियारों से लैस होकर घेराबंदी करनी पड़ी थी. दर्जनों जवान उसे गिरफ्तार करने के लिए नाटकीय ढंग से रामो बिरुआ तक पहुंचे थे. उसे गिरफ्तर कर जेल भेज दिय गया था. बताया गया था की रामो बिरुआ बेहद बीमार हैं और आज सुबह उसकी तबियत इतनी बिगड़ी की जेल प्रशासन उसे ईलाज के लिए सदर अस्पताल ले ही जा रही थी की उसकी मौत हो गयी. रामो विरुआ एकीकृत बिहार में एडीएम के पद से रिटायर्ड हुआ था.



 

कुछ माह से वह कोल्हान के कुछ ईलाकों में अपनी अलग सरकार चला रहा था, खुद को कोल्हान का सुप्रीमो बताता था. उसकी बातों से बड़ी संख्या में लोग जुड़ने लगे थे. कोल्हान का अलग झंडा फहराने की तैयारी कर रहा था, लेकिन पुलिस ने रामो विरुआ व उसके 45 समर्थकों पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर मंसूबे पर पानी फेर दिया. रामो बिरुआ के कई साथी पहले ही देशद्रोह के आरोप में गिरफ़्तार हो चुके हैं. बहरहाल रामो बिरुआ की मौत के बाद उसकी लाश को पूछने वाला तक अस्पताल नहीं पहुंचा, घंटों उसका शव लावारिश की तरह सदर अस्पताल एक स्ट्रेचर में पड़ा रहा.

 



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