चाईबासा : रेल ओवर ब्रिज निर्माण में समान मुआवजे की मांग को लेकर अड़े विस्थापित

chaibasa rail over bridge jmm bjp visthapit muavja चाईबासा ओवरब्रिज मुआवजे की मांगचाईबासा : टाटा मार्ग में जेएमपी चौक के पास निर्माणाधीन रेल ओवर ब्रिज के विस्थापितों जमीन मालिक, घर मालिक और दुकानदारों के बीच मुआवजा राशि देने में भेद-भाव को लेकर झामुमो ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन करने और कोर्ट में जाने की चेतावनी दी है. इस ओवर ब्रिज के निर्माण से इस इलाके के करीब 150 मकान विस्थापित हो रहे हैं.

लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर उन दुकानदारों को हो रहा है, जो पिछले 30-40 सालों से इस मार्ग के किनारे भाड़े की दुकान चला कर अपने परिवार को भरण पोषण कर रहे थे. लेकिन आरओबी के निर्माण से उनकी दुकान खत्म हो जाएगी. उनके मकान मालिक को तो मुआवजा मिलेगा, लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिलेगा. इस संबंध में भी झामुमो ने सभी दुकानदारों के लिए अलग दुकान आवंटित करने की मांग राज्य सरकार से की है.




जेएमपी चौक के दुकानदारों, जमीन और घर मालिकों की एक बैठक को संबोधित करते हुए झामुमो विधायक दीपक विरूआ ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आरओबी के विस्थापितों के बीच मुआवजा देने में भेद-भाव कर रही है, जो बिल्कुल अनुचित है. विधायक ने कहा कि सभी विस्थापितों को समान रूप से मुआवजा मिली चाहिए. इस संबंध वे 19 जून को डीसी से मुलाकात करेंगे, यदि मामला नहीं सुलझा तो झामुमो आंदोलन तो करेगा ही कोर्ट के शरण में भी जाएगा.

गौरतलब है कि चाईबासा-टाटा राष्ट्रीय मार्ग में जेएमपी रेलवे फाटक पर आरओबी का निर्माण किया जा रहा है. रेलवे फाटक के दोनों तरफ सैकडों की संख्या में आवासीय और व्यावसायिक भवन है. आरओबी के दोनों तरफ 64 फीट जमीन ली जा रही है, जिससे करीब डेढ सौ लोग घर और दुकान हटाया जाएगा. रेलवे ब्रीज के एक तरफ नगर पर्षद का क्षेत्र आता है तो दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्र है. मामला यहीं अटका है. तो दूसरी तरफ वैसे दुकानदार जो वर्षों से भाडे पर चल रहे हैं, उनके मालिकों को तो मुआवजा मिलेगा, लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं. ऐसे दुकानदारों को सरकार से अलग दुकान देने की मांग कर रहे हैं.





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