मांदर की थाप पर झूमें मुख्‍यमंत्री, कहा- कार्तिक उरांव के सपनों के झारखण्ड का करें निर्माण

गुमला : नगाड़ा, मांदर की गूंज से झारखण्ड की धरती गुंजायमान होता रहे कोई और धुन ना बजे. क्योंकि हमारी संस्कृति ही झारखण्ड की पहचान है. इस संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए कार्तिक उरांव हमेशा से प्रयासरत रहे. जतरा मेला और यहां दिख रही झारखण्ड की समृद्ध संस्कृति उनके प्रयास को परिलक्षित कर रहा है. आनेवाली पीढ़ी अपनी संस्कृति से अवगत होती रहेगी, इससे सुखद बात और क्या हो सकती है. उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही.

रघुवर दास शुक्रवार को गुमला के घाघरा प्रखंड स्थित बदरी गांव में कार्तिक उरांव स्मृति जतरा सह खेलकूद प्रतियोगिता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही. रघुवर दास ने कहा कि जिस तरह मेला में मिठास होता है उसी मिठास की भावना से हमें इस सार्वजनिक स्थल में मिलना चाहिए. साथ ही, कार्तिक उरांव के सपनों के झारखण्ड का निर्माण करना है. जहां कोई अशिक्षित, वंचित और शोषित ना रहे.

आदिवासियों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता

रघुवर दास ने कहा कि कार्तिक उरांव ने विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण की. वे इंजीनियर बनें. स्वदेश व अपने घर लौटने पर उन्हें लगा कि झारखण्ड के आदिवासियों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. वे चाहते तो कहीं नौकरी कर आराम से जीवन जी सकते थे. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और आदिवासी कल्याण में खुद को झोंक दिया. उनकी इन्हीं बातों को आत्मसात कर केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही है. पहली बार आदिवासी कल्याण हेतु आदिवासी मंत्रालय का गठन हुआ. राज्य के शहीदों के गांव में मुलभूत सुविधाओं से आच्छादित कर आदर्श गांव बनाया जा रहा है. झारखण्ड में आदिवासी विकास परिषद के माध्यम से आदिवासी के हित में कार्य हो रहें हैं. जनजातियों को डाकिया योजना के तहत हर माह खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है. आदिवासी युवाओं हेतु रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में सीट आरक्षित हैं. पहली बार आदिम जनजाति युवक-युवतियों के लिए बटालियन का गठन हुआ. जिन्हें प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया.

शिक्षित समाज की कल्पना को पूरा करें युवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्तिक उरांव ने शिक्षित समाज की कल्पना की थी. उनके सपने को युवा पूरा करें. क्योंकि शिक्षा से समझदारी और समझदारी से ईमानदारी का प्रवाह होगा. युवा शिक्षा के साथ-साथ हुनरमंद भी बनें. राज्य सरकार 700 करोड़ रुपये युवाओं को हुनरमंद बनाने में कौशल विकास के माध्यम से कर रही है. हुनरमंद बन युवा स्वरोजगार अपना सकते हैं सरकार की योजनाओं का लाभ के सकते हैं. सीएम ने कहा कि समाज में जागरूकता के माध्यम से युवा बड़ा बदलाव में सहायक हो सकते हैं. हमें मिल कर सुनिश्चित करना होगा कि गुमला के हर घर का बच्चा स्कूल जाएं.




किसानों को मिलेगा उनका हक,  वृद्धों को मिलेगा 10 किलो अनाज

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के सुखाड़ की स्थिति का अधतन जानकारी जल्द सरकार को प्राप्त होगी. 18 नवंबर को गुमला के सूखा प्रभावित प्रखंडों में शिविर का आयोजन होगा. जहां किसान फसल बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं. किसानों का हक उन्हें जरूर मिलेगा. राज्य सरकार ने सुखाड़ हेतु 100 करोड़ का उपबंध किया है. साथ ही वृद्धों के लिए अन्नपूर्णा योजना के तहत 10 किलो अनाज देने की व्यवस्था की गई है. विपरीत परिस्थितियों के लिए गांव के मुखिया को 10 हजार रुपये दिये गए हैं, जो अनाज उपलब्ध कराने में सहायक होंगे.

30 लाख घरों में पहुंची बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि 67 साल में झारखण्ड के मात्र 38 लाख घरों तक बिजली पहुंची थी. विगत चार साल में वर्तमान सरकार ने 30 लाख घरों तक बिजली पहुंचा दी है. 31 दिसम्बर तक छुटे हुए सभी घरों तक बिजली पहुंच जाएगी और झारखण्ड का प्रत्येक घर बिजली से आच्छादित हो जाएगा.

महिला देश, राज्य और परिवार की शक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला शक्ति का ही प्रतिफल है कि 15 नवंबर को पूरा राज्य खुले में शौच से मुक्त होने जा रहा है. रानी मिस्त्रियों ने गजब का कार्य किया है. महिलाओं को सशक्तिकरण हेतु योजनाओं को उनतक पहुंचाया जा रहा है. अब स्कूलों का यूनिफॉर्म भी महिलाएं ही बनाएंगी. उन्हें मशीन और प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस संबंध में जिला के उपायुक्तों को निर्देश दिया जा चुका है.

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के तहत लाभुकों के बीच गैस कनेक्शन, भूमि संरक्षण के तहत पंप सेट का वितरण किया. इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री सुदर्शन भगत,  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. दिनेश उरांव, पदमश्री अशोक भगत, अल्पसंख्यक आयोग के अध्य्क्ष मोहम्मद कमाल खां, उपायुक्त व अन्य उपस्थित थे.





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