स्‍कूलों में हो रहा है बाल अधिकारों का हनन, मिड-डे मील खाने के बाद खुद बर्तन धो रहे बच्‍चे

जूठे बर्तनों की सफाई करते बच्‍चे गिरिडीह : केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना मिड-डे मील में कई खामियां है. गिरिडीह सहित पूरे प्रदेश के स्कूलों में मासूम बच्चों से जूठे बर्तनों की सफाई करवायी जा रहा है. जो न सिर्फ बाल अधिकारों का हनन है, बल्कि योजना के नियम निर्देशों का भी उल्‍लंघन है. मिड-डे मील स्कीम में बहुत बारीकी से सभी पहलुओं को देखते हुये  कुछ नियम बनाए गए हैं एवं सबकी भागीदारी और जिम्‍मेवारी सुनिश्चित की गई है. जबकि स्कूलों में इसके विपरीत कार्य हो रहा है.

इसे भी पढ़ें : विधायक ढुलू महतो से परेशान हुई ओरियंटल कंपनी, मीडिया को बताया दर्द

आरटीआई के त‍हत मांगी गई जानकारी




इसका खुलासा राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के राष्ट्रीय महासचिव राजेन्द्र प्रसाद वर्मा ने किया है. इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकरी तथा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग भारत सरकार को पत्र प्रेषित कर समस्या से अवगत करवाया साथ ही सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत बर्तनों की सफाई का जिम्मा किसका है कि जानकारी मांगी थी.

आरटीआई के जबाव में मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के (एमडीएम) इकाई के सचिव ने जानकारी दी‍ कि मध्याह्न भोजन के बाद बर्तनों की सफाई की जिम्‍मेवारी कार्यरत रसोईया व सहायक की है. बच्चे देश के भविष्य हैं और वे स्कूल में विद्याअर्जन के लिए आते हैं,  उनसे किसी प्रकार का कार्य करवाना गलत है.

इसे भी पढ़ें : झारखण्ड बीजेपी अध्यक्ष की कार का एक्सीडेंट, उड़े गाड़ी के परखच्चे

इसे भी पढ़ें : कल से झारखण्ड मेडिकल कॉलेजों में शुरू होंगे MBBS काउंसलिंग





Loading...
WhatsApp chat Live Chat