बोन मैरो कैंसर से पीड़ित बच्चे के परिवार को आयुष्मान भारत बीमा से उम्मीद

रांची : आयुष्मान भारत योजना का आश लिए 5 वर्षीय बच्चे नितिन के पिता रिम्स में बने आयुष्मान भारत के कीओस्क पर पहुंचे. उन्‍हें आयुष्मान भारत योजना के उम्मीद इस कदर है कि वो अपना सब कामकाज छोड़कर अपना निबंधन करवाने के लिए पहुंचे.

कुदरत का कहर एक बेबस पिता पर त्रासदी बनकर बरपा है. जिसके पास इतना पैसा भी नहीं की वो इससे उबर सके. खादगढ़ा बस स्टैंड पर जूता मरम्मति और पॉलीश से जो कुछ आमदनी होती है, वो तो घर के खर्च और दवाइयों में ही लग जाता है. आखिर अपने बच्चे का इलाज कैसे कराये. कांटाटोली रविदास मोहल्ला के रहने वाले विकास राम का ये दर्द उस समय और बढ़ जाता है जब “नितिन” की हड्डियों में असहनीय दर्द होता है.




चार साल के नितिन को है बोन मैरो कैंसर

नितिन चार साल का एक मासूम बच्चा है, जिसे गंभीर बीमारी बोन मैरो कैंसर ने अपनी चपेट में ले रखा है. पिता विकास ने रांची से कोलकत्ता तक अपने मासूम को इलाज के लिए ले गए. अपनी सारी जमा पूंजी बेटे के इलाज पर खर्च कर दिया. नितिन की मां टिंकी को उम्मीद है प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना का उन्हें भी लाभ मिले, ताकि अपने बच्चे का बेहतर इलाज करवा सके और उनका बच्चा स्वस्थ हो जाए.

कमजोर परिवार के लिए वरदान साबित होगा आयुष्मान भारत योजना

किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अगर गम्भीर बीमारी के चपेट में आ जाता है तो उसे इलाज के लिए जमा पूंजी से लेकर गहने और जमीन तक बेचना पड़ जाता है. वैसे ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत वरदान के रूप में साबित होने वाला है. क्योंकि इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि‍ कोई भी व्यक्ति पैसे के अभाव में इलाज से वंचित ना हो सके.





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