स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण 2019 : कई इलाके में गंदगी का अंबार, सर्वेक्षण टीम पर लोगों ने लगाया अनदेखी का आरोप

गंदगी का अंबारबोकारो : देश में सभी नगर निकाय क्षेत्र में स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की शुरुआत हो चुकी है. सभी नगर निकाय नम्बर एक पर आने के लिए  अपने-अपने तरीके से बेहतर काम करने में लगे हुए हैं. बोकारो जिले का चास नगर निगम भी पूरी मेहनत कर रहा है और अपने स्तर  से  काम में लगा हुआ है, लेकिन हम आपको बता दें कि जब न्यूज़ 11 की टीम ने  स्वच्छता  सर्वेक्षण का जायजा लिया तो यहां तस्‍वीरें कुछ अलग ही थी. न्यूज़ 11 की टीम ने देखा कि चास नगर निगम में दो तरह की तस्वीर दिखाई दे रही है. एक तस्वीर जो मुख्य सड़क की है, जो पूरी तरह से साफ सुथरी दिख रही है, वहीं दूसरी तस्वीर वार्डों की है, जहां कचड़े का अंबार लगा हुआ है. एक तस्वीर ऐसी भी देखने को मिली जहां पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त किये जाने के बाद भी लोग खुले में शौच करते नजर आए. चास नगर निगम के  लोगों का आरोप है कि निगम के अधिकारी सर्वेक्षण टीम को दिग्‍भ्रमित करने का काम कर रहे हैं.

आपको बताते चलें कि देश में हुए स्वच्‍छता सर्वेक्षण में चास नगर निगम राज्य में साफ सफाई के मामले में नंबर वन का तमगा हासिल कर चुका है. इस बार भी सर्वेक्षण टीम निगम क्षेत्र में घूम-घूमकर सफाई व्यवस्था और शौचालय का हाल जान रही है और आम लोगों से फीडबैक भी ले रही है. लेकिन जिस तरीके से टीम सिर्फ मुख्य सड़क और निगम के बताए इलाकों में जाकर सर्वेक्षण कर रही है. इसको लेकर आमजनमानस में निराशा है. लोगों का कहना है कि टीम को वार्डों में लगे गंदगी के अंबार और बजबजाती नालियों को भी देखकर वहां के लोगों से बात करना चाहिए. लोगों का कहना है कि इस तरह से सर्वेक्षण कर वास्तविक स्थिति को नहीं दिखाकर यहां के लोगों को छलने का काम किया जा रहा है. लोगों ने राज्य के मुखिया से इस दिशा में जांच की मांग की है.




जानकारी के मुताबिक सर्वेक्षण टीम को बिना किसी को बताए सर्वेक्षण करना था, लेकिन सर्वेक्षण टीम निगम के कर्मियों के साथ मिलकर इस सर्वेक्षण को अंजाम दे रहे हैं, जो कि समझ से परे है. अगर इसकी गहराई से जांच की गई तो सच्चाई सामने आ जायेगी.

चास की जनता क्या कहती है…

चास निवसी मुकेश राय ने बताया कि जो दिख रहा है वह है नहीं. दिखने में चास स्वच्छ, सुन्दर और स्मार्ट सिटी दिख रहा है, लेकिन चास की गलियों में वार्ड के अंदर जाने पर सच्चाई का पता चलता है.

तपन कुमार की मानें तो यहां के रहने वाले लोगों को काफी परेशानी होती ही है. हम जहां रहते हैं, वहां पूरे मुहल्ले का कचड़ा लाकर डाल दिया जाता है. हमने बहुत बोला, वार्ड पार्षद को भी बोले, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. सर्वेक्षण करने आयी टीम पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो सर्वेक्षण टीम आई है, हमारे क्षेत्र में कभी पूछने नहीं आई है. सिर्फ मेन रोड और जहां साफ़-सुथरा है वहीं घूमती है.

विजय कुमार शर्मा ने भी सर्वेक्षण टीम पर आरोप लगाये और कहा कि हमारे यहां बहुत गंदगी रहती है. यहां के लोग परेशान रहते हैं, परन्तु सर्वेक्षण करने आई टीम वहीं घूमती है, जहां साफ़-सफाई रहती है.

लोग आक्रोशित हैं और स्वच्छता सर्वेक्षण  करने आई टीम पर भी सवालिया निशान  खड़ा कर दिया है. चास नगर निगम की मुश्किलें भी बढ़ा दी है.



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