बिरसा मुंडा स्मृति पार्क का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम, अधिकारियों की लगाई क्लास

CM Raghuvar arrived supervise Birsa Memorial Parkरांची : शहर में बन रहे बिरसा मुंडा स्मृति पार्क को लेकर सीएम रघुवर दास ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई. वह यहां निरीक्षण करने पहुंचे थे. सीएम ने वाहन पार्किंग को छोड़ सभी तरह के काम पर रोक लगाने और निर्माण कार्य करा रही कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने का आदेश दिया है.

सीएम रघुवर दास शुक्रवार को एक बार फिर पूरे रंग में नजर आए. यह मौका था बिरसा मुंडा स्मृति पार्क के निरीक्षण का और निशाने पर रहे मौजुद अधिकारी. सीएम की नजर कुछ कमरानुमा निर्माण पर पड़ी और उन्होंने उसे मुर्गी घर बताते हुये, उसे तोड़ने का आदेश दे डाला.

सीएम रघुवर दास के कदम जैसे-जैसे बढ़ते गये,  निर्माण कार्य को देख कर उनका गुस्सा उतना ही बढ़ता चला गया. उंची दीवार तोड़ने से लेकर काम बंद करने और फिर काम कर रही कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने का फरमान मौजुद अधिकारियों को देकर उन्हें हक्का-बक्का कर दिया.




बिरसा मुंडा स्मृति पार्क को उसके नाम के अनुरूप बनाने के लिये सीएम ने अधिकारियों को अंडमान निकोबार से लेकर भोपाल तक के कई उदाहरण दिये. जेल को जेल बनाने के बजाय खुली हवा में सांस लेने जैसा पार्क बनाने पर जोर दिया.

सीएम का यह निरीक्षण पार्क तक ही सिमित नहीं रहा, वह पैदल ही सड़कों पर दूरी मापते जेल तालाब भी पहुंच गए. हाल में सौदर्यीकरण के बाद तैयार तालाब का सूरतेहाल कुछ ठीक नहीं था. गंदगी के अंबार पर गुस्से गुब्बार फूटना ही था. रघुवर दास ने पहले सफाई,  फिर रंगीन LED लाईट और बोटिंग व्यवस्था पर अधिकारियों को कुछ टास्क दिये. सीएम के साथ चल रहे नगर विकास मंत्री भी उनके गुस्से को अनावश्यक नहीं ठहरा सके और उन्होंने इन तमाम अनियमितताओं पर अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया.

जब सूबे के निजाम सड़क पर हो तो जनता की उम्मीदें उनसे बढ़ ही जाती हैं. सीएम रघुवर दास ने भी इस निरीक्षण के साथ विकास कार्यों में गुणवत्ता और गरीब जनता के पैसे का सदुपयोग का संदेश दिया. संभवतः ऐसे निरीक्षण की राज्य में और भी जरुरत है, तभी ठेकेदारी के नाम पर गड़बड़झाले के इस खेल का खुलासा हो पायेगा.





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