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जयंत सिन्हा द्वारा माला पहनाकर स्वागत किए जाने के मामले के बीच सामने आया कांग्रेस का दोहरा चेहरा

Congress double face jayant sinhaरांची : मॉब लिंचिंग मामले में उम्रकैद की सजा पाए युवकों को जमानत मिलने पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा माला पहनाकर स्वागत किए जाने के बाद रामगढ ही नहीं संपूर्ण देश में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. कोई मंत्री को कैबिनेट से हटाने की मांग कर रहे हैं, तो कोई हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र का दर्जा वापस लेने की मांग.

उक्त मामले में राजनीतिक पंडितों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी को भाजपा नेता जयंत सिन्हा के विरोध का अधिकार नहीं है, क्योंकि कांग्रेस के भी कुछ नेता मॉब लिचिंग के आरोपित तथाकथित गौरक्षकों को बचाने के नाम पर चलाए गए अटल विचार मंच के कार्यक्रमों में शामिल हुए थे. अलीमुद्दीन हत्याकांड की सीबीआई या एनआइए से जांच की मांग को लेकर अप्रैल माह में 15 दिनी धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.




उक्त कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के कई स्थानीय नेताओं ने भी भाग लिया था. मजे की बात यह है कि धरना कार्यक्रम में भाग लेने वाले मुन्ना पासवान को जहां पिछले दिनों रामगढ जिला कांग्रेस कमेटी की कमान दी गई है, वहीं राजकुमार यादव बरकट्ठा विधानसभा के प्रभारी बनाए गए हैं. उक्त मामले में कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी द्वारा ट्वीट भी किया गया था.

गोमांस ले जाने के क्रम में भीड़ द्वारा किए गए अलीमुद्दीन हत्याकांड में आरोपित लोगों को बेल पर रिहा होने के बाद केंद्रीय मंत्री सह सांसद जयंत सिन्हा द्वारा माला पहनाने को गलत बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कहा कि समाज में वैसे अपराधिक चरित्र वालों को सम्मान नहीं मिलना चाहिए.



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