तालाब निर्माण का पैसा खाने की तैयारी में संवेदक, पुराने को दुरुस्त कर कागज पर दिखा रहे नया तालाब

तालाबपलामू : जिला में विकास योजनाओं में हो बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है. संवेदकों व अधिकारियों की मिलीभगत से योजनाओं में बड़ा घोटाला हो रहा है. लाखों रुपए की तालाब निर्माण कार्य को कार्य स्थल के बजाय दूसरे तालाब के जीर्णोद्वार में लगाया जा रहा है. सरकार योजनाएं तो बनाती है मगर अधिकारियों व संवेदकों की मिलीभगत से योजनाओं को धरातल पर उतारने में भारी गड़बड़ी होती है. लाखों रुपए का बंदरबांट होता है. ताजा उदाहरण है लेस्लीगंज प्रखंड के पिपरा पंचायत में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा कराया जा रहा तालाब निर्माण.

यहां तालाब निर्माण रैयती जमीन में होना था, जबकि संवेदक द्वारा पास के ही एक दूसरे तालाब की मिट्टी काटकर विभाग को यह बताया जा रहा है कि जलाशय का निर्माण हो गया. ऐसे में ग्रामीणों में इस बात को लेकर खासा नाराजगी है. सैकड़ों ग्रामीण तालाब निर्माण कार्य को लेकर विरोध कर रहे हैं. ग्रामीण कई अधिकारियों के चक्कर भी लगा रहे हैं. मगर अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा. ग्रामीणों का कहना है कि पुराना तालाब जो गांव के लिए वर्षों से अच्छा था उसे भी गलत तरीके से मिट्टी का कटाव किया गया था.




क्या है मामला

दरअसल, लेस्लीगंज प्रखंड के पिपरा खुर्द गांव में भूमि संरक्षण विभाग से लगभग 16 लाख रुपए की लागत प्लाट संख्या 1491 में रैयती जमीन पर तालाब जिर्नोद्धार का काम कराना था.  मगर संवेदकों द्वारा जबरण प्लाट संख्या 1492 पर अवस्थित सरकारी पुराने तालाब के साथ छेड़-छाड़ कर विभाग को रिपोर्ट सौंप दिया गया. रिपोर्ट में कहा गया कि तालाब का निर्माण हो गया है. इधर ग्रामीण इसकी शिकायत को लेकर कई अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं. उनका कहना है कि ग्रामीण डीसी प्रखंड विकास पदाधिकारी व भूमि संरक्षण पदाधिकारी को आवेदन देकर थक चुकें हैं. इधर गांव की महिलाओं का कहना है कि यह तालाब पहले से अच्छा था. यहां लोग छठ पूजा करते थे. मगर संवेदकों द्वारा जबरन तालाब के साथ छेड़-छाड़ किया जा रहा है. विरोध करने पर धमकी भी मिल रही है.

जल्द ही जांच कर संवेदकों पर कार्यवाही होगी : सतेन्द्र प्रसाद

इधर जब इस गंभीर मामले को लेकर भूमि संरक्षण पदाधिकारी सतेन्द्र प्रसाद से जानकारी ली गई, तो उनका कहना है कि ग्रामीणों द्वारा मामले की जानकारी मिली है. जल्द ही जांच कर संवेदकों पर कार्यवाही होगी. फिलहाल संवेदकों के भुगतान पर रोक लगा दिया गया है.





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