रांची: नई के लोभ में पुरानी छोड़ देते हैं अफसर, सचिवालय में सड़ गईं 50 करोड़ की कारें

Costly vehicles kept useless Jharkhand secretariatरांची: झारखण्ड सचिवालय में आपको कई महंगी गाडियां सड़ती हुई नजर आ जाएगी. ये गाड़ियां ना तो खराब हुई थीं, ना इसमें कोई कमी थी. सिर्फ नई गाड़ी लेने के लिए अफसर-अधिकारी अपनी पुरानी गाड़ियों को यूं ही छोड़ देते हैं. जिसके बाद इनमें जंग लगती रहती है.

 

सचिवालयों में करीब 50 करोड़ की गाड़ियां सड़ती हालत में मौजूद है. अब तो इनमें से कई सिर्फ कबाड़ में बिकने लायक रह गई हैं. नेपाल हाउस और प्रोजेक्ट भवन में एम्बेसडर, टाटा सफारी, इंडीवर, मार्शल और बोलेरो जैसी गाड़ियां सड़ रही हैं.




नयी सरकार बनते ही सभी मंत्रियों के लिए फोर्च्युनर ख़रीदे गए. सबसे आश्चर्य की बात तो ये है कि पुरानी गाड़ियों की नीलामी भी नहीं करवाई गई. सभी को यूं ही सड़ने के लिए छोड़ दिया गया. सिर्फ नेपाल हाउस में 25 एम्बेसडर बेकार पड़ी हुई है. इसके अलावा कई और गाड़ियां भी अब बुरी हालत में है.





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