जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में कोर्ट का फैसला : प्रह्लाद सिंघानिया सहित तीन को उम्र कैद

रांची : जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है. सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. वर्ष 2017 में चन्द रुपयों के मुनाफे के लिए जहरीले शराब के कारोबारियों ने कई ज़िंदगियां ली थी और कई परिवार बर्बाद हो गए थे.

सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त श्रीप्रकाश दुबे की अदालत ने जहरीले शराब के कारोबारी प्रह्लाद सिंघानिया, गौतम थापा और इंद्रभान थापा को अजीवन कारवास की सज़ा सुनाई है. तीनों दोषियों के खिलाफ संतोष कुमार नामक व्यक्ति ने सुखदेव नगर थाने में वर्ष 2017 में प्राथमिकी दर्ज कराया था. जहरीली शराब पीने से संदीप चौधरी, बिट्टू उर्फ रविंदर व  अमित कुमार की मृत्यु हो गई थी. बिट्टू की मौत सेवा सदन में इलाज के दौरान हुई थी. वह सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के इरगु टोली का रहनेवाला था.

इस मामले में अपर लोक अभियोजक डीएन दिवेद्दी ने अभियोजन की ओर से न्यायालय में पक्ष रखा. मामले की ट्रायल के दौरान उन्होंने अभियोजन की ओर से 15 लोगों की गवाही न्यायालय में दर्ज कराई. प्रह्लाद सिंघानिया और उसके साथियों को अदालत ने गैर इरादतन हत्या और मानव को हानि पहुंचाने वाला पेय पदार्थ पिलाने से संबंधित भादवि की अलग-अलग दो धाराओं में दोषी पाते हुए सज़ा सुनाई. प्रह्लाद सिंघानिया शराब के सप्लायर हैं, जबकि इंद्रभान शराब दुकानदार और  गौतम थापा जैप वन में हवलदार के पद पर कार्यरत था. गौतम थापा के घर  से पुलिस ने छापेमारी कर अवैध शराब बरामद किया था. बता दें कि शराब के प्याले में जहर घोलने के जुर्म में पुलिस का जवान भी शामिल था. वहीं नकली शराब का सबसे बड़ा कारोबारी माना जाने वाला सिंघानिया भी अब सलाखों के पीछे है.




2017 में दर्ज हुआ था मामला

इस मामले में सुखदेवनगर और नामकुम थाने में मृतक के परिजन संतोष कुमार के बयान पर तीनों के खिलाफ 2017 में प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी. विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि इस मामले में अदालत में 15 लोगों की गवाही हुई. सुनवाई सुखदेव नगर इलाके में रहने वाले संदीप चौधरी, बिट्टू उर्फ रविंद्र और अमित की मौत से संबंधित की गई.

चार अक्तूबर को प्रहलाद सिंघानिया को पुलिस ने किया था गिरफ्तार

बताते चलें कि अवैध शराब कारोबारी प्रहलाद सिंघानिया 4 सितंबर से ही फरार था. पुलिस को चकमा देकर वह ठिकाना बदल-बदलकर रह रहा था. चार अक्तूबर 2017 को पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया था. जहरीली शराब कांड से पूरे रांची में बीस मौत के मामले सामने आए थे. इसमें सुखदेवनगर, नामकुम, डोरंडा में मामला दर्ज किया गया था.



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