कचरा डंपिंग बना नगर निगम के लिए फजीहत, स्थानीय लोगों व चैंबर ने किया डंपिंग का विरोध

कचड़ाधनबाद : कचड़ा डंपिंग का स्थान तय रहने के कारण नगर निगम को इन दिनों काफी फजीहतों का सामना करना पड़ रहा है. धनबाद नगर निगम का गठन हुए लगभग नौ साल होने को आया, लेकिन आज तक कचड़ा डंपिंग का स्थान तय नहीं हुआ है, जिसके कारण कभी बनियाहीर झरिया में तो कभी शहर के बीचोंबीच बरटांड़ बस स्टैंड में कचड़ा डंप किया जाता रहा. इसका कई बार निगम प्रशासन को विरोध का भी सामना करना पड़ा. लेकिन शुक्रवार तक कचड़ा डंपिंग के लिए निगम को जमीन नहीं मिली.

इधर दिवाली छठ के मद्देनजर शहर को साफ-सुथरा रखने की मुहिम निगम ने चलाई, लेकिन कचड़ा कहां डंपिंग हो फिर समस्या के रूप में सामने खड़ी हो गई. निगम प्रशासन ने मटकुरिया श्मशान घाट के समीप घनी आबादी वाले इलाकों में डंपिंग आरंभ किया जाने लगा. यही नहीं देर रात उन कचड़ों में आग लगा दी जा रही है, जिसके कारण आस पास के इलाके धुंओं से भर जा रहा है जो वहां के निवासियों को जीना मुहाल करने लगा. इसका मटकुरिया के स्थानीय लोगों के साथ-साथ चैंबर भी विरोध में उतर गयी. चैंबर ने पिछले दो दिनों से निगम के कचड़े लदे ट्रैक्टर को रोक दिया और उसे जबरन लौटा दिया. इस क्रम में चैंबर के पदाधिकारियों के अनुसार निगम प्रशासन ने एक-दो दिन के लिये वहां कचड़ा डंप करने का अनुरोध किया था लेकिन लगातार किया जाने लगा जिसका विरोध तो लाजिमी है.




उन्होंने कहा कि एक ओर जहां कचड़ा डंप करने आने वाले इसे निगम का आदेश बता रहे हैं, वहीं मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल से बात करने पर रोके जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि निगम यहां के लोगों को बीमार बनाने में लगा हुआ है इसके खिलाफ वे मेयर से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत करायेंगे और उसके बाद भी यदि वहां कचड़ा डंपिंग नहीं रुका तो वे किसी भी आंदोलन को बाध्य होंगे.

बाइट : दिनेश हेलीवाल, अध्यक्ष, मटकुरिया चैंबर ऑफ कॉमर्स.





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