ISM दीक्षांत समारोह में टूटेगी 9 दशक की परंपरा, छात्र लेंगे संस्कृत में दीक्षांत संकल्प

dhanbaad ism iit dikshant samaroh sanskritiधनबाद : आईएसएम के 38वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गयी है. इस बार आइआइटीयन 38वें दीक्षांत समारोह में भारतीय संस्कृति से सराबोर नजर आएंगे. नौ दशक से में चली आ रही परंपरा भी टूटेगी. दीक्षांत में कुर्ता और पायजामे में छात्र दिखेंगे तो सलवार-कमीज छात्रएं पहनेंगी. लड़कियों के गले में दुपट्टा होगा तो लड़कों के गले में उत्तरीय. उक्त बाते आइएसएम में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से जेके पटनायक ने कही. उन्होंने बताया कि इस दीक्षांत समारोह में भारतीय संस्कृति का नजारा परिधानों तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि आइआइटीयन के पास अपना दीक्षांत संकल्प संस्कृत में लेने का आप्शन होगा.

 

18 और 19 जून को होनेवाले दीक्षांत समारोह को अलग बनाने के लिए छात्र-छात्रओं के साथ दीक्षांत परेड का हिस्सा बनने वाले मुख्य अतिथि, चेयरमैन, निदेशक, कुलसचिव से लेकर सभी के पहनावे में बदलाव हुआ है. सभी भारतीय परिधान में नजर आएंगे. अब तक हुए समारोह में पश्चिमी सभ्यता दिखती थी. पिछले 92 सालों से दीक्षांत समारोह में छात्रों को दी जानेवाली डिग्रियों को यूं ही दिया जाता रहा है.




 

अब ऐसा पहली बार होगा जब छात्रों को फोल्डर में डिग्री दी जाएगी. खासतौर पर तैयार किया गया यह फोल्डर लेदर का होगा जिसके अंदर रखी डिग्री लंबी अवधि तक सुरक्षित रहेंगी. यह छात्रों के लिए एक यादगार होगा. वहीं देश विदेश से आये छात्र-छात्राएं भी काफी उत्साहित हैं.

 

ये भी पढ़ें…

 





Loading...
WhatsApp chat Live Chat