बिजली-पानी की मांग को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष आक्रोश प्रदर्शन

प्रदर्शन करते लोगबोकारो : बिजली कटौती बन्द करने एवं दोनों समय पानी देने की मांग को लेकर आज जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी के नेतृत्व में महाप्रबंधक (नगर प्रशासन) कार्यालय के सामने घड़ा, बाल्टी और मोमबत्ती के साथ आक्रोश प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए महामंत्री बीके चौधरी ने कहा कि सालों से बिजली की आंख मिचौनी जारी है,  लेकिन अभी महीनों से 24 घंटे में मात्र 6 से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है.

2 वर्षों से पानी का शुल्क लगना शुरू किया है, तब से पानी एक समय कर दिया गया है. कर्मचारी जब पलान्ट से घर आते हैं तो नहीं बिजली मिलती है और न पानी. इस भीषण गर्मी में कर्मचारियों को घर के बदले पलान्ट में रहने की सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है. वहीं बुढापे और राष्ट्र का भविष्य जो बच्चे हैं, उनकी पढ़ाई-लिखाई पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है.

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प्रबंधन की लापरवाही के कारण कर्मचारी आंदोलन को मजबूर

प्रबन्धन की लापरवाही के चलते आज कर्मचारी बाहर से लेकर प्‍लांट तक आन्दोलन करने को मजबूर हो रहा है. बिजली तार टूटने पर बदलने में 24 घंटे से ज्यादा समय लगता है. आन्दोलन को गुमराह करने के लिए प्रबंधन कोयला की बात कर रहे हैं. अगर ऐसी नौबत आयी तो किसकी जवाबदेही है. उसपर कार्रवाई क्यों नहीं करती. बिजली अधिकारी शाम से अपना-अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर निश्चिंत हो जाता है.




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प्रबन्धन संवेदनहीनता के साथ विवेकहीन हो चुका है : मंटू यादव

झामुमो महानगर अध्यक्ष मंटू यादव ने कहा कि प्रबन्धन संवेदनहीनता के साथ विवेकहीन हो चुका है. सब अपनी-अपनी नौकरी पूरी कर रहे हैं. सब सगे संबंधियों के साथ भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. मजदूरों पर क्या बीत रहा है, उससे कोई फर्क नहीं. ये आर-पार की लड़ाई की भाषा समझती है. अंत में बीके चौधरी ने कहा कि अगर जल्द से जल्द बिजली कटौती बन्द नहीं की गई और पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं दिया गया तो आन्दोलन से होने वाले क्षति का प्रबंधन दोषी होगा.

विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से झामुमो जिला अध्यक्ष हीरा लाल मांझी, आरबी चौधरी, शंकर कुमार, एनके सिंह, केके मंडल, सुनील कुमार, रौशन कुमार, लोबिन दास, एसके सिंह, सुरेश प्रसाद, हसन इमाम, कलाम अंसारी, पी रबानी, आशिक अंसारी, रामा रबानी, रमाशंकर राम, ओमप्रकाश, ओपी चौहान, मानिक, ए मांझी, ऋषिराज, आरके मिश्रा, आरएन राकेश, निरंजन प्रसाद, प्रमोद कुमार, अनिल, चन्द्रशेखर, बादल कोयरी आदि ने अपने-अपने विचार रखें.

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