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घाटशिला : तय नहीं हुआ प्राइस वैल्यू, अधर में लटका गुड़ाबांदा में पन्ना खनन

Kanhaiya Hembrom

Ghatshila : गुड़ाबांदा में पन्ना खदान की नीलामी का मामला अब भी खटाई में है। प्राइस वैल्यू तय नहीं होने के कारण पन्ना खनन नहीं हो पा रहा है। हालांकि, झारखंड सरकार के माइन एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट ने मैपिंग/सर्वे कर अपनी रिपोर्ट इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस (आईबीएम) को सौंप दी है। अब आईबीएम की जिम्मेदारी है कि वह पन्ना नामक खनिज (रॉ इमराल्ड) का प्राइस वैल्यू तय करे। इसके बाद ही पन्ना खदान का टेंडर निकलेगा। चूंकि अपने देश में पन्ना का अन्य कोई खदान नहीं है। फलस्वरूप, गुड़ाबांदा में पाये जाने वाले पन्ना का प्राइस वैल्यू तय करने में आईबीएम को विलंब हो रहा है। काफी साल पहले राजस्थान में पन्ना खनन का काम कुछ दिनों तक गैर सरकारी स्तर पर हुआ था, जो कि अब बंद हो चुका है। इस तरह गुड़ाबांदा में देश की पहली पन्ना खदान खोले जाने की प्रक्रिया चल रही है।

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गुड़ाबांदा में कोलंबिया की क्वालिटी का है पन्ना

माइन एंड जियोलॉजिकल डिपार्टमेंट के उपनिदेशक संतोष कुमार सिंह ने गुड़ाबांदा में पन्ना के स्टॉक के बारे में बताने से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि कोलंबिया में पाये जाने वाले क्वालिटी पन्ना का यहा बड़ा भंडार है। यहां से भेजी गई पन्ना भंडार की रिपोर्ट को टीएसआई एवं एमईसीएल ने भी सही बताया है।

गुड़ाबांदा व ओडिशा में तीन स्थानों पर होती थी खुदाई




साल-डेढ़ साल पहले तक ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल की सीमावर्ती पहाड़ियों में अवस्थित पूर्वी सिंहभूम जिला के अति पिछड़े गुड़ाबांदा को नक्सल प्रभावित माना जाता था। कुछ लोग बताते हैं कि वर्ष 1997-98 में यहां पन्ना पाये जाने की खबर कुछ लोगों को हो चुकी थी। लेकिन, बड़े पैमाने पर पन्ना के अवैध खनन की खबरें वर्ष 2008-09 में आम हुईं। गुड़ाबांदा एवं सीमावर्ती ओडिशा में तीन स्थानों पर स्थानीय लोग खनन करते रहे हैं। इस अवैध खनन के बारे में माना जाता था कि यह कारोबार नक्सलियों की सरपरस्ती में संचालित है। खनन के क्रम में मिट्टी धंसने से अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की जान भी जा चुकी है। जब कभी पुलिस सक्रिय हुई तो कईयों को जेल की हवा भी खानी पड़ी। कई दफा अलग-अलग मात्रा में पन्ना भी बरामद हुए।

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अवैध खनन कर भंडार का एक प्रतिशत भी नहीं निकाल सके हैं धंधेबाज

गुड़ाबांदा में बेहतर क्वालिटी का पन्ना पाये जाने की खबर कुछ वर्ष पहले इस कदर फैली थी कि यहां राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और वाराणसी (यूपी) तक के स्टोन कारोबारियों का ठिकाना बन गया था। उस वक्त जब गुड़ाबांदा के जंगलों में प्रवेश करने से पुलिस वाले भी भरसक परहेज करते थे, तब सस्ती कीमत पर पन्ना हासिल करने के लोभ में बाहरी व्यापारी बिना भय के यहां आकर कई-कई दिनों तक जमे रहते थे। बावजूद इसके माइन एवं जियोलॉजी विभाग के उपनिदेशक बताते हैं कि गुड़ाबांदा में पन्ना का जितना रिजर्व एरिया है, उस हिसाब से अवैध खनन कर एक प्रतिशत भी रत्न नहीं निकाला जा सका है। केंद्र को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक गुड़ाबांदा में 500 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा एवं 10 मीटर गहरा क्षेत्र में अवैध खनन किया गया है।

बुध ग्रह जातकों का बर्थ स्टोन है पन्ना

पन्ना (इमराल्ड) को मरकटमणि भी कहा जाता है। बुध ग्रह के जातकों के लिए इसे शुभ माना जाता है। पन्ना के बारे में कहा जाता है कि यह कैंसररोधी होता है। कुल मिलाकर, रत्नों के जानकार बताते हैं कि पन्ना बुध ग्रह के जातकों का बर्थ स्टोन है।

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