गिरिडीह: नहीं रहे झारखण्ड आंदोलनकारी धनेश्वर मंडल, नम आंखों से मिली विदाई

giridih jmm dhaneshwar mandal deadगिरिडीह: झारखंड के मशहूर आंदोलनकारी और झामुमो गांडेय के वरिष्ठ नेता मरगोडीह निवासी धनेश्वर मंडल का निधन कल सुबह तीन बजे दिल का दौरा पड़ने से हो गया. 71 साल के मंडल लगभग बीस वर्ष से डायबिटीज रोग से ग्रसित थे. रविवार देर रात उन्हें अचानक सांस लेने में बैचेनी होने लगी. इस पर परिजन उन्हें इलाज के लिए गिरिडीह ले जा रहे थे. इसी बीच रास्ते में दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने दम तोड़ दिया

झामुमो के जिला सचिव महालाल सोरेन व प्रखंड सचिव भैरो वर्मा ने बताया कि धनेश्वर मंडल झामुमो की बुनियाद थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन पार्टी के साथ रहकर गरीबों के हित के लिए लगा दिया. उनका राजनीतिक सफर बहुत पुराना रहा है. वह 1975 में झारखंड आंदोलन के समय गुरुजी के संपर्क में आए. धनेश्वर मंडल के सहयोग से ही गुरुजी ने गिरिडीह में पार्टी की नींव डालकर उसे आगे तक पहुंचाया. उन्हें तिसरी, गावां, देवरी में संगठन विस्तार के लिए प्रभार दिया गया था. उसके बाद वह लगातार पार्टी में सक्रिय रहकर कार्य करते रहे और पार्टी को गिरिडीह में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया.




धनेश्वर मंडल 1995 में जैक पार्षद बने. वहीं 1997 में जेएमएम के केंद्रीय सचिव बनाए गए. साथ ही 6 बार गिरिडीह जिला के जिला सचिव के पद पर रहे. पार्टी के केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शुरू से वर्तमान तक बने रहे.

धनेश्वर मंडल ने क्षेत्र में अपनी छवि इस तरह बनाई थी कि उनके निधन पर हर आंख नम थी. जिले के विभिन्न क्षेत्रों से उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा. उनमें सभी धर्म, संगठन, व्यवसाय व पार्टियों ले लोग शामिल थे. वह परिवार में दो पुत्र, एक बेटी, पत्नी, मां, भाई, नाती पोता समेत भरा पूरा परिवार छोड़ के गए है. सोमवार देर शाम को सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में वे पंच तत्व में विलीन हो गए.





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