गिरिडीह : जंगली हाथियों का उत्पात जारी, सात दलित परिवार बेघर, फसल नष्ट

बिरनी (गिरिडीह) : बिरनी प्रखंड के केशोडीह पंचायत के बराय गांव में बीती रात लगभग 12 बजे जंगली हाथियों के झुंड ने दलित बस्ती पर धावा बोल दिया. हाथियों ने इस हमले में गांव के 13 घरों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया. घरों के टूटने से सात दलित परिवार बेघर हो गये हैं. रविवार को हाथियों का उत्पाद काफी आक्रमक था. जंगली हाथियों ने गांव में लगा बड़े-बड़े पेड़-पौधों को भी नष्ट कर दिया. हाथियों द्वारा गांव में उत्पाद मचाने की सूचना वन विभाग और प्रखंड के आला अधिकारियों को गांव वालों ने रात में ही फोन पर दी. लेकिन सुबह नौ बजे तक कोई भी अधिकारी पीड़ित ग्रामाणों का हल जानने नहीं पहुंचे थे. जिससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखने को मिली.




किनका घर टूटा

जंगली हाथियों द्वारा तोड़े गये मकान में गांव के बुधन तुरी, बीरेन्द्र तुरी, छोटी तुरी, रामदेव तुरी, लटन तुरी, मुराली तुरी, बद्री तुरी, सोमर तुरी, राजु तुरी, रामेश्वर तुरी, बिनोद तुरी, किशोरी तुरी और एतवारी तुरी का नाम शामिल है. वहीं घर के नजदीक खेत में लगे धान के बीच, मकई के फसल को बर्बाद कर दिया है. वहीं, बुधन तुरी, लटन तुरी, सोमर तुरी, प्रकाश तुरी, भीखन तुरी, धर्मेन्द्र तुरी और रामदेव तुरी हथियों के हमले में पूरी तरह बेघर हो गये. अब इनके पास न खाने के लिए कुछ बचा है न सिर छुपाने के लिए छत है.

सरकारी स्कूल बना सहारा

बिरनी बीडीओ पप्पू रजक ने गांव वालों को फेन पर ही सांतवना दी. साथ ही कहा कि जिन्हें हाथियों ने बेघर किया है उनके रहने की व्यवस्था तत्काल सरकारी स्कूल में की जाएगी. आपको बता दें कि स्कूल भवन में सिर्फ दो कमरे हैं. बारिश के इस मौसम में दो कमरे में सात परिवार कैसे गुजर बसर करेंगे.





WhatsApp chat Live Chat