भगवान भरोसे नौनिहालों की जान, डिनोबिली स्‍कूल के बस को धक्का देकर स्टार्ट करते नजर आए बच्‍चे (देखें विडियो)

baghmaraबाघमारा (धनबाद) : बसों या फिर अन्य वाहनों से पढ़ाई के लिए स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की जान  से खिलवाड़ हो रहा है. या फिर यूं कहे कि‍ अपनी जान को खतरे में डालकर बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं. नामचीन स्कूल डिनोबिली में पढ़ाई करने वाले बच्चे सड़क पर बस को धक्के देकर स्टार्ट करते नजर आए. स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया. जांच करने वाले अधिकारी यानी एमवीआई कई जिलों के प्रभारी है नतीजा जिले के वाहन नियम की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

सड़कों पर दौड़ती चमकती हुई स्कूली बसें ऊपर से जरूर फिटफाट दिखाई देती है, लेकिन इसकी अंदुरुनी सच्चाई कुछ और ही बयां करती है. चमचाती बसें सड़कों पर उतरने के साथ अपनी पोल खुद ही खोल रही है. डिनोबिली स्कूल के बच्चे सड़कों पर स्कूल बस को धक्का देते नजर आए. कतरास स्थित कोड़ाडीह डिनोबिली स्कूल के बच्चे सड़क पर पसीना बहाते हुए स्कूल बस को स्टार्ट किया. ड्राइवर से पूछने पर उसने बताया कि ऐसा कभी नहीं होता है पहली बार हुआ है.




बस चालक के खिलाफ होगी कार्रवाई : रोजी सहाय

डिनोबिली स्‍कूल के कोऑर्डिनेटर रोजी सहाय भी इस मामले में अपना पल्ला झाड़ती नजर आयी. उन्होंने कहा कि बस चालक और खलासी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल से आने-जाने की जिम्मेवारी अभिभावकों और बस मालिकों पर है.

स्कूल प्रबंधन पर होगी कार्रवाई : विनीत कुमार

जिला शिक्षा अधीक्षक विनीत कुमार ने इस मामले में कहा कि मामले की जांच के बाद स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी.

झारखंड के 24 जिलों में मात्र पांच एमवीआई है

किसी भी वाहन को सड़क पर चलाने के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है. लेकिन बगैर फिटनेस प्रमाणपत्र के ही कई स्कूल बसें सड़कों पर दौड़ रही है. इस बात का खुलासा खुद परिवहन विभाग के पदाधिकारी ने ही किया है. टीएन मिश्रा परिवहन कार्यालय में ऑफिस सुप्रीटेंडेट हैं. इनकी मानें तो सूबे के 24 जिलों में महज पांच मोटर वाहन निरीक्षक (MVI ) है. जिले में पदस्थापित मोटर वाहन निरीक्षक अजय कुमार सप्ताह में एक दिन यहां बैठते हैं. दूसरे जिले का भी कार्यभार उनके कंधों पर है. ऐसे में यहां वाहनों के फिटनेस का कार्य प्रभावित हो रहा है.





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