हेमंत का रघुवर सरकार पर हमला, कहा- चिल्लम के धुआं आंदोलन की आग को चुनौती

hemant raghuvar sarkar kanbal-ghotala rims-mout bjp-pr-hamla cnt-spt-act चिल्लम-का-धुआं-आंदोलन-की-आगरांची :  हेमंत सोरेन ने बीजेपी और रघुवर सरकार पर जमकर हमला बोला है. हेमंत ने प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन कर रघुवर सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि गोमिया के तमाचे से मुख्यमंत्री तिलमिला गए हैं. मुख्यमंत्री ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है. गोमिया उपचुनाव के परिणाम से मुख्यमंत्री को अपना भविष्य दिख गया है.

हेमंत ने कहा कि घोर कलियुग आ गया है. चोर मचाये शोर, रघुवर दास गुरुजी को ज्ञान दे रहे हैं. चिलम का धुआं आंदोलन की आग को चुनौती दे रहा है. प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मांग की कि सरकार उद्योग विभाग एवं खान विभाग का सीएजी से स्पेशल ऑडिट कराये.

हेमंत ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट को लेकर कहा कि पूर्व के कानून ने अब तक जमीन को लूटने नहीं दिया, लेकिन अब इस संशोधन के बाद लूट शुरू हो गया है. 1950-51 में सीएनटी-एसपीटी एक्ट के तहत इस क्षेत्र में कितनी जमीन थी और आज कितनी जमीन बची है.

1950-51 में आदिवासी आबादी 35%, अब 26%

इस दौरान हेमंत ने रघुवर सरकार से 12 सवाल किए. उन्होंने कहा कि जो जमीन गायब हुआ है, उस पर किसका कब्जा है. क्या सभी गायब जमीन को सरकार आदिवासी-मूलवासी रैयतों को वापस कराएगी.

 

हेमंत ने कहा कि 1950-51 में इस क्षेत्र में आदिवासियों की आबादी 35% के लगभग थी आज यह घटकर 26% हो गई है. क्या इसके लिए आप जैसे लोग जिम्मेवार नहीं हैं. सरकार यह बताएं कि अब तक भूमि के अभाव में धरातल पर नहीं उतर सकी सरकार श्वेत पत्र लाकर यह बताएं कि राज्य भर में सरकार के पास लैंड बैंक में कितनी जमीन उपलब्ध है.




हेमंत ने रघुवर सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि रघुवर सरकार इस आशय का भी श्वेत पत्र जारी करेगी कि मोमेंटम झारखंड के नाम पर निजी कंपनियों को कितनी सरकारी जमीन दी गई है और किस दर पर ?  सरकार जब निजी कंपनियों को जमीन दे सकती है, तो फिर सरकारी योजनाओं के लिए सरकारी जमीन का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकते. निजी कंपनियां अपने व्यवसाय से लाभ कमाएंगे, उन्हें जमीन कौड़ी के भाव में दे दिया जाए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि अधिग्रहण बिल 2013 में संशोधन के प्रस्ताव को वापस ले लिया तो क्या यह माना जाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास विरोधी हैं. क्यों रघुवर सरकार साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में विकास की योजनाओं को धरातल पर उतार नहीं पाए ?

 

रघुवर सरकार यह बताएं कि कृषि भूमि के अधिग्रहण से किसानों और कृषि उत्पादों पर पड़ने वाले प्रभाव की भरपाई कैसे की जाएगी ? संथाल परगना एवं कुछ अन्य क्षेत्रों में जहां औरतों को जमीन खरीद बिक्री का अधिकार नहीं है वैसे रैयत भूमि अधिग्रहण से प्राप्त मुआवजा का क्या करेंगे? क्या उनके आने वाली पीढ़ी हमेशा के लिए भूमिहीन हो जाएगी?

रिम्स में मरने वाले इंसान नहीं थे

हेमंत ने रिम्स में हुई मरीजों की मौत और नोटबंदी पर भी सवाल उठाया उन्होंने कहा कि रिम्स में दम तोड़ने वाले इंसान नहीं थे क्या. नोटबंदी के समय सरकार ने बहुत कुछ दावा किया था, क्या हुआ?

उन्होंने कंबल घोटाले को लेकर कहा कि कंबल घोटाला करने वाली कहां छुप गए. सबसे बड़ा जांच दल बना था, उद्योग और खनन विभाग की जांच हुई तो सब कुछ सामने आ जायेगा.





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