एक फोन कॉल से फंस गये थे एनोस एक्का, चढ़े थे पुलिस के हत्थे

how enos ekka was convicted in murder case सिमडेगा: पारा शिक्षक की हत्या मामले में कल विधायक एनोस एक्का को दोषी करार दिया गया. कई सालों से इस मामले में जेल में बंद एनोस के पुलिस गिरफ्त में आने की कहानी भी दिलचस्प है. दरअसल पुलिस ने पूर्व से ही पीएलएफआई उग्रवादी विक्रम उर्फ बारूद गोप के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखा था. पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन भी विधायक एनोस एक्का ने मोबाइल से विक्रम गोप से बात कर उससे पारा शिक्षक की हत्या की जिम्मेवारी लेने को कहा था.




पुलिस ने इसी बातचीत को आधार मानकर विधायक को गिरफ्तार किया था. बातचीत के टेप को पुलिस ने कोर्ट में भी मजबूत साक्ष्य के रूप में पेश किया था. अदालत के निर्देश के बाद भी एनोस ने वॉयस सैंपल नहीं दिया था.

बातचीत के टेप से मिलान करने के लिए विधायक ने न सिर्फ पुलिस अनुसंधान में वॉयस सैंपल देने से इन्कार किया था, बल्कि न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्होंने वॉयस सैंपल नहीं दिया. इसके बाद पुलिस गिरफ्त में आए विक्रम गोप ने सरकारी गवाह बनने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया. बाद में विधायक एनोस एक्का के वकील ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी. हालांकि हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा विक्रम को सरकारी गवाह बनाए जाने के निर्णय को सही ठहराया.





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