तेल पर निर्भरता घटाने के लिए इमानदारी से भरें टैक्स, एक्साइज ड्यूटी नहीं हटाई जा सकती- अरुण जेटली

jaitli vitt mantri arun-jaitli notebandi gst petrol-diesel-price जेटलीनई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती नहीं करने के संकेत दिए हैं. वित्त मंत्री ने लोगों से अपील की है कि तेल पर निर्भरता कम करने के लिए इमानदारी से टैक्स भरें. साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी को कम करने की बात को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कई लोगों के टैक्स देने के रिकॉर्ड में सुधार हुआ है, लेकिन भारत अभी भी टैक्स देने वाले समाज से काफी दूर है.

द इकॉनमी एंड द मार्केट रिवॉर्ड स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स एंड फिस्कल प्रूडेंस नाम के facebook आर्टिकल में जेटली ने कहा कि बीते 4 साल में केंद्र सरकार की टैक्स जीडीपी दर 10% से 11.5% हो गई है. नॉन आयल टैक्स का 2017-2018 में 9.8% पर पहुंच गई है, जो कि 2007-08 के बाद का उच्चतम स्तर है. हमारी सरकार ने आर्थिक मामलों में जिम्मेदारी दिखाई है.




जेटली ने कहा कि बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में हासिल हुई 7.7% की वृद्धि दर से यह साबित हो गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढती अर्थव्यवस्था है. नोताबंदी और जीएसटी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में 2% की गिरावट नहीं आई है और न ही भारत इससे गरीब होगा.

जेटली के अनुसार आंकड़ों की माने तो निर्माण क्षेत्र दो अंकों में बढ़ रहा है और यह नौकरियां पैदा करने वाला सेक्टर है. इससे निवेश का क्षेत्र के साथ घरेलु निवेश भी बढ़ रहा है. मैन्युफैक्चरिंग और ग्रामीण प्रैयोज्नओं में पैसा लगाया जा रहा है.

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