बिजली वितरण में झारखण्ड ‘सी’ ग्रेड, मिला सबसे निचला स्थान

jharkhand electricity board gets c grade रांची: जिस झारखण्ड से निकले कोयले से कई राज्य रोशन होते हैं, उसी राज्य को बिजली वितरण मामले में सबसे फिस्सड्डी रैंकिंग मिली है. झारखण्ड में बिजली के हालात पिछले कुछ सालों से सुधरे जरुर हैं लेकिन फिर भी बिजली वितरण में झारखण्ड को राष्ट्रीय स्तर पर 34वां स्थान दिया गया है.

राज्य को केंद्रीय ऊर्जा मंत्रलय द्वारा जारी छठे इंटीग्रेटेड रेटिंग में ‘सी’ ग्रेड रैंकिंग मिली है. यानी 100 अंकों की रेटिंग में झारखंड के खाते में महज 20 मार्क्‍स आए हैं. इस सबसे निचले ग्रेड को केंद्रीय ऊर्जा मंत्रलय बहुत निम्न संचालन और वित्तीय क्षमता वाली वितरण एजेंसियों की श्रेणी में रखता है.




पूर्वी भारत में कार्यरत बिजली वितरण एजेंसियों में झारखंड बिजली वितरण निगम चौथे पायदान पर है. इससे पहले असम और बिहार की वितरण एजेंसियों को शुमार किया गया है. रेटिंग में देशभर के 22 राज्यों की 41 वितरण कंपनियों (डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटज) को शुमार किया गया है. इसमें शीर्ष पर गुजरात की बिजली वितरण एजेंसियां शामिल हैं.

आपको बता दें कि पड़ोसी बिहार को ‘बी’ ग्रेड रैंकिंग मिली है. 2012 में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रलय ने राज्य वितरण एजेंसियों को हर वर्ष रेटिंग देने की प्रक्रिया शुरू की थी. इसमें वितरण कंपनी के संचालन, वित्तीय स्थिति, नियामक और सुधार को मानक बना रेटिंग की जाती है.





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