BREAKING

बोकारो : मानव तस्करी की आशंका में एलेप्पी एक्सप्रेस से संदिग्ध हालत में उतारे गए 88 बच्चे

एलेप्पी एक्सप्रेस से संदिग्ध हालत में मिले 87 बच्चे मानव तस्करी की आशंका में बोकारो से हुई बरामदगी

जामताड़ा से तेलंगाना ले जाये जा रहे थे बच्चे

Joint action Kalyan committee police 87 children baramadबोकारो : बोकारो स्टील सिटी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एलेप्पी एक्सप्रेस से 88 बच्चे संदिग्ध हालत में बरामद किए गए. मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए बाल कल्याण समिति और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इन बच्चों को ट्रेन से उतारा गया है तथा मामले की जांच की जा रही है.

इस संबंध में पूछे जाने पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ विनय आयोग ने बताया कि रांची पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई हुई है. उन्होंने कहा कि रांची पुलिस ने बोकारो के पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस. को जामताड़ा से बहुत सारे बच्चों को तेलंगाना ले जाने की सूचना दी. इसके आलोक में बालीडीह पुलिस तथा बाल कल्याण समिति की संयुक्त कार्रवाई में एलेप्पी एक्सप्रेस से कुल 87 नाबालिग बच्चे तथा छह वयस्क लोगों की बरामदगी हुई. उनके सामान उतार लिए गए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है.

डॉ. विनय ने ट्रेन से उतारे गए वयस्क जनों से पूछताछ के आधार पर कहा कि उक्त बच्चों को तेलंगाना के खम्मम नामक जगह पर एक मदरसे में ले जाया जा रहा था. अब जांच की जाएगी कि मामला मानव तस्करी से जुड़ा है या शिक्षा से. जांचोपरांत समुचित कार्रवाई की जाएगी.




वहीं बालीडीह थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक कमल किशोर ने बताया कि बरामद किए गए 88 बच्चों में से अधिकांश की उम्र 7 से 8 साल की है, जबकि छह बड़े लोग उतारे गए हैं. उनके साथ मौजूद हाफिज नामक एक वयस्क युवक ने उक्त बच्चों को तेलंगाना ले जाने के संबंध में जानकारी दी है, परंतु प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है.

पुलिस के अनुसार उक्त बच्चों को झारखंड के जामताड़ा जिला अंतर्गत नारायणपुर से ले जाया जा रहा था. मानव तस्करी की आशंका के मद्देनजर सीडब्ल्यूसी के साथ मिलकर बालीडीह पुलिस ने राजकीय रेल पुलिस एवं रेलवे सुरक्षा बल के संयुक्त प्रयास से उक्त बरामदगी की है. इन्हें ले जाने में सरकारी व्यवस्था अथवा नियम कानून का पालन हो रहा था कि नहीं, इसकी जांच बाल कल्याण समिति विधिवत करेगी. जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी.

फिलहाल बच्चों को बाल कल्याण समिति की मदद से यहां उनके ठहराव, खान-पान आदि की व्यवस्था की जाएगी। गौरतलब है कि हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बच्चों की खरीद-फरोख्त एवं तस्करी को लेकर काफी सख्ती दिखाई है और इस मामले में बाल कल्याण समिति को विशेष रुप से कार्य करने का आदेश दिया है. ऐसे में बोकारो में एक साथ इतनी बड़ी तादाद में बच्चों की बरामदगी कहीं न कहीं के मामले को संदिग्ध बताती है.



WhatsApp chat Live Chat