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खड़ी पहाड़ पूजा मेला, जनजातीय समाज की संस्कृति परंपरा और उनकी आर्थिक संरचना का इतिहास

Khadi mountain puja fair culture tradition economic structureघाटशिला : बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिवर्ष लगने वाला मेला अत्यंत महत्वपूर्ण है. मेला झारखंडियों के लिए सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मेला जनजातीय समाज की संस्कृति परंपरा और उनकी आर्थिक संरचना का इतिहास भी बताता है.

मेला को झारखंड के लोग एक त्यौहार के रूप में मनाते हैं. इस मेले का आदिवासी साधन लोगों को उतना ही इंतजार होता है, जितना होली दिवाली और दशहरा जैसे त्योहारों का होता है. यहां विभिन्न प्रकार के मेला का आयोजन होता है. इन्हीं में से एक है खड़ी पहाड़ पूजा मेला.

सरलता, निश्छलता और संस्कृति के लिए जाना जाता है ये मेला



वैसे आदिवासी अपनी सरलता, निश्छलता और समृद्ध संस्कृति के लिए जाने जाते हैं, देश के किसी भी कोने में आदिवासी समुदाय के बीच आप चले जाएं, आप इनकी जीवन शैली और इनके आदर सत्कार के कायल हो जाएंगे. झारखंड के आदिवासियों की भी यही पहचान रही है. जो आज चाकुलिया के खड़ी पहाड़ पूजा में देखने को मिला. यहां लोग इस तरह मिल रहे थे जैसे लग रहा था कि इस पूजा का माहौल ही कुछ अलग है.

इस पूजा में मुख्य अतिथि के रुप में बहरागोड़ा के डायनामिक विधायक श्री कुणाल षाड़ंगी जी एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में समीर महांति जी ने अपना योगदान दिया.  यह मेला चाकुलिया के विरदोह पंचायत में आयोजित हुआ.  इस मेले में 10,000 से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ी.  बारिश होने के बावजूद भी लोगों ने इस मेले का भरपूर मनोरंजन लिया.  मेले का सबसे बड़ा आकर्षण यह था कि विभिन्न क्षेत्रों से लोगों ने सुंदर-सुंदर झांकियां बनाई थी और जिस की झांकी सबसे सुंदर थी उसे मुख्य अतिथि विधायक कुणाल षाड़ंगी जी द्वारा सुकरी देकर पुरस्कृत किया गया.



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