पानी के अभाव में सुख रही है फसल, किसान कर रहे हैं मुआवजे की मांग

Khunti Crop dried absence water farmers demanding compensationखूंटी: कम बारिश की मार किसानों पर जबरदस्त पड़ी है. खेतों में धान-मडुआ की फसल सुख रही है. खूंटी के किसानों को प्रकृति की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. एक तो ससमय बारिश नहीं होने के कारण धान रोपनी समय पर नहीं हुई. वहीं दूसरी ओर सुखाड़ जैसे हालात से उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है. बारिश नहीं होने के कारण खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई है. कई खेतों में लगी फसल पूरी तरह से जल गई है. यहां के किसान कभी स्वयं को तो कभी भगवान को कोसते थक नहीं रहे. खेती नहीं होने के कारण जिले में भुखमरी की स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है.

खेती की स्थिति को देखते हुए ग्रामीण रोजगार के लिए पलायन करने पर विचार कर रहे हैं. किसान पूर्व से ही खूंटी जिला सूखाग्रस्त जिला घोषित करने की मांग कर चुके हैं. किसान नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं. कई किसान के परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं. बच्चों की पढ़ाई बंद होने के कगार पर आ गई है. यदि सरकार नुकसान की भरपाई नहीं करती है तो ये किसान इस आपदा के कारण कर्ज में डूब जाएंगे. जिसके बाद यही किसान खुद के लिए आत्महत्या का रास्ता खोजने लगते हैं. ऐसा ना हो इसके लिए सरकार एंव जिला प्रशासन को अहम एंव उचित कदम उठाने होंगे.




71 प्रतिशत भूमि पर ही हुई खेती

कृषि विभाग द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में 76 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. जिसमें से कम बारिश होने के कारण 54,296 हेक्टेयर भूमि में ही फसल की रोपनी हो पाई थी, जो कुल लक्ष्य का 71% ही है. वहीं 54,296 हेक्टेयर भूमि में लगी फसल में से 19 हजार हेक्टेयर भूमि की फसल कम बारिश के कारण नष्ट हो गई है. बर्बाद हो रहे फसल से कृषि विभाग को कोई फर्क नहीं पड़ता. उनका कहना है जिन किसानों ने फसल बीमा के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है उनको मुआवजा दे दिया जायेगा. वहीं बांकी किसानों के मुआवजे के लिए विचार किया जा रहा है.

झारखण्ड के अधिकांश जिले सुखाड़ की चपेट में लगभग पहुंच चुकी है, इनमें कई जिले ऐसे भी हैं जहां बारिश ही नहीं हुई. जिसके कारण यहां के किसान भुखमरी के साथ-साथ पलायन को मजबूर हो रहे हैं. सरकार अगर ससमय किसानों को मदद नहीं पहुंचाती है तो झारखण्ड को भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है.



Loading...
WhatsApp chat Live Chat