14 दिनों की न्यायिक हिरासत में कोख का सौदा करने वाली सिस्टर

रांची : नवजात बच्चों को बेचने की आरोपी सिस्टर कोनसीलिया बाखला को गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया. पेशी के बाद कोर्ट ने आरोपी सिस्टर को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. बता दें कि आरोपी मिशनरीज ऑफ चैरिटी संस्था में काम करती है और नवजात बच्चों को बेचने पैसे कमाती है.

चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की शिकायत पर पुलिस ने बुधवार को रांची के ईस्ट जेल रोड स्थित चैरिटी होम निर्मल हृदय में छापा मारा था. जिसमें सिस्टर कोनसीलिया बाखला के साथ सिस्टर मेरिडियन और काम महिला कर्मचारी अनिमा इंदवार को गिरफ्तार किया था. मामले को लेकर कोतवाली थाने में एफआईआर भी दर्ज की गयी थी. पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि पैसों की खातिर वे संस्था से नवजात बच्चों को बेचने का गोरख धंधा करती है.




बच्चा वापस लेने पहुंचे दंपति तो उजागर हुआ मामला

दरअसल,  चैरिटी होम में रह रही एक अविवाहित गर्भवती लड़की के नवजात को उत्तर प्रदेश के एक दंपति को हाल में बेचा दिया था. सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रूपा कुमारी ने बताया था कि ईस्ट जेल रोड स्थित संस्था के चैरिटी होम में अविवाहित गर्भवती युवती रह रही थी. उसने रांची के सदर अस्पताल में एक मई को लड़के को जन्म दिया था. संस्था की कर्मचारी अनिमा इंदवार ने चार दिन बाद ही ये बच्चा यूपी के सोनभद्र के ओबरा के एक दंपति को दे दिया और अस्पताल खर्च के नाम पर 1.20 लाख रुपए ले लिए. 30 जून को सीडब्ल्यूसी ने चैरिटी होम का औचक निरीक्षण किया था. डरकर अनिमा ने एक जुलाई को अग्रवाल दंपती को रांची बुलाया और कोर्ट में बच्चे को पेश करने का हवाला दे कर दो जुलाई को उनसे बच्चा ले लिया. इसके बाद अनिमा दोबारा दंपती से मिली ही नहीं. तीन जुलाई को दंपती मिशनरीज ऑफ चैरिटी की हिनू शाखा गए. उन्हें वहां बच्चे की जानकारी नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने सीडब्ल्यूसी से शिकायत की. सीडब्ल्यूसी ने अनिमा से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ और नवजात को बरामद कर लिया गया.





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