नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के लिए नहीं है भूमि अधिग्रहण की योजना : सुदर्शन भगत

केंद्रीय राज्यमंत्री सुदर्शन भगतवामपंथी और असामाजिक तत्‍व लोगों में फैला रहे हैं भ्रम

गुमला : जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री सुदर्शन भगत ने कहा है कि भारतीय सेना के लिए नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज हेतु भूमि अधिग्रहण संबंधित कोई योजना या प्रस्ताव भारत सरकार रक्षा मंत्रालय के पास नहीं है. उन्होंने कहा है कि 20 मार्च 1992 को नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को लेकर तत्कालीन बिहार सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया था. हालांकि इस क्षेत्र में 1993 से लेकर अभी तक सेना द्वारा किसी प्रकार की गोलीबारी नहीं की गई है. श्री भगत उक्त बातें रक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दिए गए जवाब के आलोक में कही है.

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सुदर्शन भगत ने रक्षा मंत्रालय से पत्र लिखकर मांगी थी जानकारी

सुदर्शन भगत ने सेना के लिए नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज हेतु भूमि अधिग्रहण सूचना की अद्यतन स्थिति को लेकर भारत सरकार रक्षा मंत्रालय से पत्र भेजकर पूरी जानकारी मांगी थी. उन्होंने अपने पत्र में रक्षा मंत्रालय को लिखा था कि लोहरदगा, गुमला और रांची जनजातीय क्षेत्र है और यहां के लोग काफी शांतिप्रिय हैं. परंतु वामपंथी विचारधारा और असामाजिक तत्व के लोग इस क्षेत्र के लोगों को भ्रामक सूचना देकर भयभीत करते हैं तथा शासन के विरुद्ध भड़काते रहते हैं. इसी का परिणाम है कि इस क्षेत्र में नक्सलवाद और माओवाद के प्रसार के रूप में दिख रहा है.

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वामपंथी विचारधार के लोग लोगों को भड़काने का कर रहे काम




इस क्षेत्र के लोगों को नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के नाम पर भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना के क्रम में आदिवासियों की भूमि को लिए जाने की गलत सूचना दी गई है और समय-समय पर वामपंथी विचारधारा के लोग और असामाजिक तत्वों द्वारा स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों को भड़काया जाता है कि आप लोगों की जमीन को गलत तरीके से सरकार अधिकृत्‍त करना चाहती है. उन्होंने कहा कि वामपंथी और असामाजिक तत्व जानबूझकर अमान्य हो चुकी एडवाइजरी को जारी कर आम जनता को बरगलाना बंद करे. उन्‍होंने कहा कि वामपंथी विचारधारा के लोग समय-समय पर स्थानीय ग्रामीणों को जमीन अधिग्रहण का डर दिखाकर खासकर युवा वर्ग को सामाजिक गतिविधि तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए परिस्थिति निर्माण करते हैं. यह वामपंथी विचारधारा और असामाजिक तत्वों की सोच और आदत है.

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता के भ्रम को दूर करने के लिए और सच्चाई सामने लाने के लिए उन्होंने पूरे मामले पर रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखते हुए पूरा मामला स्पष्ट करने को कहा था, इसके बाद श्री भगत के आग्रह पर रक्षा मंत्रालय ने पूरे मामले की जांच कराकर कहा कि इस तरह की सरकार के पास कोई योजना नहीं है.

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सामाजिक विघटन पैदा करनेवाले शक्तियों से सावधान रहने की जरूरत

श्री भगत ने कहा कि स्थानीय जनता को बरगला कर धर्मांतरण और उग्रवाद की पृष्टभूमि के लिए तैयार करने वाले सामाजिक विघटन पैदा करनेवाले शक्तियों से यहां के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किसी कीमत पर संसदीय क्षेत्र में आम लोगों से अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. देश की मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास साफ नियत सही विकास की नीति पर काम करने वाली देश के किसान मजदूर आदिवासी समाज के हितों के लिए समर्पित रूप से काम कर रही है, इससे जनता खुश है और यही इन लोगों के लिए पेट दर्द का कारण है. लेकिन जनता अब इसे समझ चुकी है, उन्होंने आम लोगों से अपील किया कि किसी प्रकार से भ्रम में आने की जरूरत नहीं है. भारत सरकार उस क्षेत्र के लोगों का जमीन अधिग्रहण नहीं करेगी, उसके पास कोई योजना नहीं है. इसलिए असामाजिक तत्वों के बहकावे में नहीं आकर समाज के विकास की मुख्यधारा से जुड़े और क्षेत्र और देश के हित में काम करें.





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