ममता शर्मसार, जन्‍म के तुरंत बाद नवजात को झाड़ी में फेंका… जानिये फिर क्‍या हुआ

पाकुड़पाकुड़ : पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा में जाको राखे साईयां, मार सके ना कोई वाली कहावत चरितार्थ हुई. एक नवजात शिशु की दर्द भरी रोने का आवाज बांस की झाड़ी से लोगों को सुनने मिला. नवजात शिशु लड़का है.

मिली जानकारी के अनुसार लिट्टीपाड़ा के रासी टोला के समीप बांस के झाड़ी से कुछ घंटे पहले जन्मे बच्‍चे को मरंगमाई हेम्ब्रम ने बरामद किया है. बच्चे की हालत काफी खराब थी. नवजात शिशु के शरीर को चीटियां खा रही थी, वहीं ठंड से बच्‍चा कांप रहा था. मरंगमाई हेम्ब्रम ने बताया कि सुबह सो कर उठने के बाद मैं घर से नदी की ओर जा रही थी कि झाड़ी से बच्चे की रोने की आवाज आई. आवाज सुनकर मैं झाड़ी की ओर गयी तो देखा एक नवजात बच्चा खून से लतपथ झाड़ी में पड़ा है और चीटियां उसके शरीर में लगी है. मैं उसे उठा कर गांव आया और लोगों को घटना की पूरी जानकारी दी. इसके बाद बच्चे को सामुदायिक स्वास्‍थ्‍य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा बच्चे का इलाज किया जा रहा है. अस्पताल प्रबंधक द्वारा घटना की जानकारी पुलिस व चाइल्ड लाइन के अधिकारियों को दे दी गई है.

पाकुड़




सामाजिक लोकलाज से बचने के लिए बच्‍चे को जन्‍म के बाद झाड़ी में फेंका

मानवीय संवेदना को तार-तार कर देने वाली इस घटना की चर्चा पूरे गांव में हो रही है. लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. लोगों की मानें तो किसी ने सामाजिक लोकलाज से बचने के लिए इस बच्चे को मजबूरी में झाड़ी फेंका होगा. फिलहाल बच्चे की माता-पिता की अभी तक जानकारी नहीं मिल पायी है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अरविंद कुशल एक्का ने बताया बरामद शिशु को जन्म के पश्चात पड़ने वाला सभी प्रकार का टीका लगाया गया है. बच्चा स्वस्थ है. बच्चे का वजन ढाई किलो से ज्यादा है. उसे बेबी वार्मर में रखा गया है.

नवजात शिशु को गोद लेने की लगी होड़

नवजात शिशु मिलने की घटना सुनकर दर्जनों लोग बच्चे को गोद लेने के लिए सामने आये हैं. इसको लेकर बच्चे को देखने के लिए हॉस्पिटल परिसर में काफी भीड़ देखी गई.





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