हजारीबाग: नसों को खींचकर दर्द दूर करता है ये शख्स, दूर-दूर से आते हैं मरीज

man treats people with acupressure

फलक शमीम

हजारीबाग: हजारीबाग के प्रसिद्ध व्यवसाई दिनेश खंडेलवाल को अपने पिता स्वर्गीय गया प्रसाद खंडेलवाल से मिली एक अद्भुत विरासत. इस विरासत के कारण दिनेश मशहूर हो रहे हैं. उनका हुनर हजारीबाग और उसके आसपास के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है. इस हुनर के बदौलत कितनों का कल्याण हुआ है. प्रतिदिन अपने जीवन मे व्यस्तता के बावजूद सुबह सवेरे हुनर के कमाल को दिखाकर लोगों को स्वस्थ लाभ दिनेश जी दे रहे हैं.

हज़ारीबाग में एक नाम था स्वर्गीय गया प्रसाद जी खंडेलवाल का, जो नस औऱ हड्डी के दर्द का इलाज नसों के द्वारा करते थे. उनकी मृत्यु के बाद यह बीड़ा उनके पुत्र दिनेश जी खंडेलवाल ने उठाया है. वे हर दिन 40 मरीज़ों को देखते है , कई पोलियो ग्रसीत लोग भी आते है ,और इलाज़ के बाद कहते है की कुछ फायदा है इसलिये आता हूं. बाकी लोग जिनके किसीं अंग में दर्द होता है उसका इलाज नस खिंचकर एक्यूप्रेशर से किया जाता है. हमने जब बात की तो श्री दिनेश जी ने कहा कि  पिताजी ने मुझे सिखाया है अभी तो उनकी तरह महारत हासिल नहीं कर पाया हूं लेकिन अपने व्यवसाय का कार्य पुत्रो के जिम्मे सौपकर हर दिन इसी दिशा में अग्रसर हूं. आवास दीपुगढ़ा में अहले सुबह से लोग जमा होना शुरू हो जाते है. सुबह 7.30 से नम्बर लगता है और 8-9 तक वे लोगो का उपचार करते है.




इलाज कराने आने वाले आसपास के मरीज इलाज करवा कर आश्वस्त नजर आते हैं उनका कहना है कि बगैर किसी खर्चे के और विशेष दर्द हुए ही हमारा इलाज हो जाता है. जबकि इलाज के पहले जानलेवा दर्द देता है परंतु दिनेश जी के हुनर का सभी मरीज अहसान मानते हैं. यहां तक कि पोलियो ग्रस्त मरीज भी कई बार अपना इलाज करवाकर उनके इस हुनर को काफी असरदार मान रहे हैं. अगर आलम यही रहा तो आने वाले समय में उनके हुनर को सलाम करने वालों की कोई कमी नहीं होगी.





WhatsApp chat Live Chat