BREAKING

मेयर ने निगम बोर्ड गठन के तीन साल बाद 10 उपसमितियों को किया गठन, दो खेमे में बंटे पार्षद

बैठकधनबाद : धनबाद नगर निगम बोर्ड गठन के 36 माह बाद निगम में बढ़ रहे कार्यों की मॉनिटरिंग के लिये मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने दस उप समितियों का गठन कर निगम क्षेत्र में चल रही सफाई, पेयजलापूर्ति और अन्य सुविधाओं पर नजर रखने की जिम्मेवारी समितियों को सौंपी है. दस पार्षदों को इन समितियों का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि इसमें कुल 29 पार्षदों को जगह दी गयी है. मेयर ने अपने अधिकारों का उपयोग कर निगम क्षेत्र में चलने वाले जनहित के कार्यों को देखने का अपना अधिकार उन्हें सौंपा है. मंगलवार को गठित इन उपसमितियों के अध्यक्ष व अन्य सदस्य पार्षदों के साथ महापौर ने पहली बैठक की. बैठक के दौरान सभी समितियों के अध्यक्ष व सदस्य पार्षदों से अपने काम में जुटने का निर्देश भी दिया.

इसे भी पढ़ें : रांची पहुंचे शाह, बीजेपी मीडिया सेल के 500 युवाओं को करेंगे संबोधित

निगम में बढ़ते काम को देखते हुये अधिकारों का विखंडीकरण किया गया : मेयर

बैठक के उपरांत मीडिया से बात करते हुए मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि निगम में बहुत सारे काम हैं और जैसे-जैसे निगम रफ्तार में आने लगा है. यही नहीं दिनचर्या के कामों के निष्पादन व समीक्षा के लिये मेयर ने अपने अधिकारों का विखंडीकरण कर पार्षदों में बांट दिया. इससे कार्यों की अच्छी तरह से समीक्षा भी हो सकेगी. मेयर ने बोर्ड गठन के 36 माह बाद ऐसी समितियों के गठन के औचित्य के बारे में पार्षदों के सवाल पर कहा कि जिस समय हम लोग आये थे, उस समय नगर निगम में कोई स्ट्रक्चर नहीं था, जिसे बनाने में दो साल लग गये. अब हमें यह पता है कि हम क्या कर सकते हैं. अब हमलोगों ने सीआरपीसी पॉलिसी सरकार से बनवाकर काम किया. इसलिये जब काम बढ़ रहा है तो इसका विकेंद्रीकरण करना जरूरी है.




इसे भी पढ़ें : BREAKING: घाटशिला में नक्सलियों ने पुलिस पर किया अटैक, 1 जवान शहीद

पार्षदों को नहीं जनता को खुश करना ज्‍यादा जरूरी

वहीं नगर निगम के आधे से अधिक पार्षदों के असंतुष्ट रहने और आगामी 20 जुलाई से आमरण अनशन पर जाने के संबंध में पूछे जाने पर मेयर ने कहा कि देश में किसी भी व्यक्ति को अनशन करने का लोकतांत्रिक अधिकार है और जहां तक पार्षदों को संतुष्ट नहीं करने की बात है तो वे खुद निगम हैं, उन्हें नहीं बल्कि जनता को संतुष्ट करना ज्यादा जरूरी है.

इसे भी पढ़ें : छिनी गई एनोस एक्का की विधायकी, 43 महीने से जेल में हैं बंद

डिभाइड एंड रूल के तहत काम कर रहे निगम के पदाधिकारी : पार्षद जय कुमार

वहीं असंतुष्ट खेमे के पार्षद जय कुमार ने कहा कि तीन साल बाद गठित उपसमितियों का क्या मतलब है. हमलोग जनता के द्वारा चुनकर यहां सिर्फ घूमने नहीं आये हैं. हमलोग द्वारा उठाये गये मुद्दों को कोई नहीं सुनता. निगम के प्रशासनिक पदाधिकारी डिभाइड एंड रूल के तहत काम कर किसी पार्षद के वार्ड में लाखों की योजना दे रहे हैं, जबकि कई पार्षद 100 फीट नाली के लिए भी परेशान रहते हैं. उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर आगामी 20 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठेंगे.



WhatsApp chat Live Chat