एमजीएम अस्‍पताल में मुर्दें को भी लगाया जाता है ऑक्‍सीजन, चढ़ाया जाता है स्‍लाइन (देखें वीडियो)

एमजीएम हॉस्पिटलजमशेदपुर : झारखंड के मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र और कोल्हान के सबसे बड़े हॉस्पिटल एमजीएम जो हमेशा ही अपने कारनामों के कारण सुर्खियों में रहता है. जी हां आपने कभी ना देखा होगा ना सुना होगा कि मृतक आदमी का इलाज चलते हुए, जी हां हम आपको दिखा रहे हैं. जमशेदपुर के एमजीएम हॉस्पिटल में ही यह मुमकीन है मौत के बाद भी ऑक्सीजन लगा हुआ है और सलाइन भी चल रहा है.

इसे भी पढ़ें :एमजीएम अस्‍पताल में मानवता शर्मसार, जमीन पर बेसुध पड़े मरीज के लिए आवारा कुत्‍तों के सामने रख दिया खाना

आपको बता दें कि एमजीएम हॉस्पिटल हमेशा से ही सुर्खियां में रहता है. अब कल देर रात एक व्यक्ति को एक्सीडेंट में घायल होने के बाद एमजीएम हॉस्पिटल लाया गया था. ताकि यहां उसका बहेतर इलाज हो सके, लेकिन उचित इलाज के अभाव में व्यक्ति की मौत हो गई. जब हमने इस मरीज के बारे में उनके बगल में अटेंडर से इस बारे में पूरी जानकारी ली तो हमारे रोंगटे खड़े  हो गए. अटेंडर महिला का कहना था कि रात में एक्सीडेंट के कारण इलाज के लिए इस व्यक्ति को लाया गया था, लेकिन उस व्यक्ति को सही इलाज नहीं मिल पाया और वह रात भर तड़पता रहा और सुबह उसकी मौत हो गई और आज का आलम यह है कि पूरे दिन गुजरने के बाद भी डॉक्टर के पास इतना भी वक्त नहीं था कि मृतक व्यक्ति के शरीर से ऑक्सीजन और सलाइन निकाल सके और बॉडी को वार्ड से हटाकर मोर्चरी भेज दिया जाए, वहीं पूरे वार्ड में दहशत का माहौल व्याप्त है.




अस्‍पताल प्रबंधन को मामले की जानकारी नहीं

जब इस मामले में एमजीएम हॉस्पिटल के प्रबंधन से इस घटना की जानकारी ली गई तो डिप्टी सुपरिटेंडेंट मुकुल प्रसाद चौधरी का कहना था कि हमें इस मामले की अभी तक जानकारी नहीं थी, अब आपने हमें जानकारी दे दी है, हम इसे तुरंत वहां से हटवा देते हैं, जबकि डिप्टी सुपरिटेंडेंट के कार्यालय इमरजेंसी वार्ड से कुछ ही कदम की दूरी पर है.

इसे भी पढ़ें :हाल-ए-रिम्स : बेटे को कंधे पर लटकाये जन्म प्रमाण पत्र के लिए नौ महीने से चक्कर काट रही मां

इसे भी पढ़ें :अमित शाह ने नेताओं-कार्यकर्ताओं में भरा जोश, कहा- 2019 में झारखंड की सभी 14 सीटें जीतनी है





WhatsApp chat Live Chat