6 महीने के नवजात को मां ने बीच सड़क पर फेंका, जानिये क्यों (वीडियो)

नवजातसत्यव्रत किरण

रांची : कहते हैं पूत कपूत हो सकता है, मगर माता कभी कुमाता नहीं होती. गिरिडीह में एक मां ने अपनी ममता को शरमसार कर दिया है. उसने अपने नवजात बच्चे को सड़क पर महज इसलिए फेंक दिया क्योंकि वह दूध पीता मासूम गम्भीर चर्म रोग की समस्या से ग्रसित है.

उस मां को क्या कहेंगें जिसने अपनी 6 महीने के मासूम बच्चे कबीर को इसलिए फेंक कर चली गई क्योंकि उसे जन्म से ही गम्भीर स्किन डीजीज है. कबीर गिरिडीह जिले की एक सड़क पर कचरे में पड़ा पुलिस को मिला. पुलस वालों ने जब बच्चे को देखा तब वह पत्ते से ढंका हुआ था. बच्चे को उठाने के बाद पुलिस ने CWC को सूचना दी, जिसके बाद CWC ने उसे इलाज के लिए भेज दिया. फिलहाल कबीर का इलाज रिम्स के पीडियाट्रिक्स विभाग में डॉक्टर मीनी रानी अखौरी की देख में हो रहा है. फिलहाल यह बच्चा देवघर के ईरा ट्रस्ट के पास है. मगर ट्रस्ट के अध्यक्ष का आरोप है कि रिम्स के चर्म रोग विभाग के डॉक्टर बच्चे पर विशेष ध्यान नहीं दे रहे हैं और उन्हें भगा दिया जाता है.




धीरे-धीरे बेहतर हो रही है कबीर की स्थिति 

बता दें कि फिलहाल कबीर की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है. जन्म देने वाली देवकी मां ने तो उसे छोड़ दिया, मगर जिस यशोदा मां की गोद में कबीर पल रहा है, वही उसकी पूरी देख भाल कर रही है. ट्रस्ट की सदस्य सांझली मरांडी ने कहा कि इस मासूम बच्चे को वह अपने बच्चे की तरह रखती है.  कबीर रोता है और जैसे ही वह उसे अपने गोद में लेती है, वह चुप हो जाता है और प्यार से हंसता है.

आयुष्मान भारत योजना से हो सकता है सुधार

अगर कोई गरीब गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाता है तो उसे पैसे के अलावा कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यही कारण है कि इस तरह की तस्वीर समय-समय पर देखने को मिलती  है. मगर सरकार के आयुष्मान भारत योजना की शुरूवात हो जाने से शायद अब कोई मां पैसे के अभाव में इलाज नहीं हो पाने के कारण अपने जिगर के टुकड़े को कचरे में नहीं फेंकेगी.





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