नेशनल साइबर क्राइम गिरोह का भंडाफोड़, भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेजों सहित चार अपराधी गिरफ्तार

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बोकारो के आवास में चल रहा था ठगी का गोरखधंधा

बोकारो : इस्पात और शिक्षा की नगरी बोकारो साइबर अपराध का भी अहम केंद्र बनेगी, इसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी. हरला थाना क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-8बी के एक आवास में लंबे समय से देशव्यापी साइबर अपराध का गोरखधंधा चलाया जा रहा था. इसका खुलासा शुक्रवार को पुलिस ने किया. सेक्टर-8बी की स्ट्रीट 21 स्थित आवास संख्या- 2042 से पुलिस ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया तथा मौके से फर्जी सिम, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड सहित कई जाली दस्तावेज व अन्य सामान बरामद किए. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस के निर्देशन में इस नेशनल साइबर क्राइम धंधे का भंडाफोड़ शुक्रवार को किया जा सका.

सैकड़ों लोगों से 20 लाख रुपये से ऊपर की कर चुके हैं ठगी

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में नालंदा (बिहार) के कटरीसराय निवासी सुनील कुमार सिन्हा, नालंदा के ही विष्णु कुमार, बोकारो के हरला थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीपोखर निवासी राकेश कुमार तथा हरला थाना क्षेत्र के स्ट्रीट- 17 स्थित आवास संख्या- 1464 निवासी संतोष महतो के नाम शामिल हैं. इस आशय की जानकारी शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता में देते हुए एसपी ने पुलिस के लिए इसे एक अहम कामयाबी बतायी. उन्होंने कहा कि साइबर थाना खुलने के बाद बोकारो में यह सफलता बड़ी उपलब्धि है. अभी तक के अनुसंधान के आधार पर उन्होंने बताया कि उक्त गिरोह पूरे देश के सैकड़ों लोगों से आर्थिक ठगी कर चुका है. इस दौरान लगभग 20 लाख रुपये से ऊपर की धनराशि की ठगी इन लोगों ने की है. आगे के अनुसंधान में भी ठगी के शिकार भुक्तभोगियों की संख्या बड़े पैमाने पर बढ़ने तथा ठगी गई राशि में भी वृद्धि की संभावना है. एसपी ने बताया कि इस गिरोह के द्वारा झारखंड के रांची, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, चतरा में रहकर अलग-अलग सदस्यों की मदद से ठगी का धंधा चलाया जा रहा था

नालंदा का है मुख्य सरगना दीपू

गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के क्रम में इस बात का खुलासा हुआ कि राष्ट्रीय साइबर आपराधिक गिरोह का सरगना बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है. नालंदा स्थित कटरीसराय निवासी दीपू कुमार साव इस गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है. एसपी के अनुसार गिरोह में अब तक लगभग 15 साइबर अपराधी चिन्हित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि बहुत ही जल्द गिरोह के सरगना सहित इसमें शामिल सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा. इसके लिए पुलिस हरसंभव प्रयास में जुट चुकी है.

ऑनलाइन मार्केटिंग के नाम पर ऐसे करते थे ठगी

यह गिरोह नामी-गिरामी कई ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों के नाम पर अवैध तरीके से ठगी किया करता था. पेटीएम, फ्लिपकार्ट, शॉपक्लूज, क्लब फैक्ट्री, लाइम रोड, वॉनिक्स, टीवी 18 होम शॉप जैसी कंपनियों के खरीदारों का डाटा फर्जी तरीके से प्राप्त कर जाली मोबाइल नंबरों से इन खरीदारों को फोन किया करते थे. खरीदारी की एवज में कार, मोटरसाइकिल एवं अन्य महंगे सामानों को लाटरी के रूप में उनके नाम से निकलने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन के रूप में एक निश्चित धनराशि फर्जी बैंक खाते में मंगवाते थे. उसके बाद उन पैसों को एटीएम तथा नेट बैंकिंग के द्वारा में निकाल लेते थे.




इन सामानों की हुई बरामदगी

गिरफ्तार किए गए शातिर अपराधियों के पास से विभिन्न आनलाइन मार्केटिंग कंपनी, जैसे- पेटीएम, फ्लिपकार्ट, शापक्लूज, शॉप फैक्टरी, लाइमरोड, वानिक्स, टीवी 18 होम शॉप आदि के खरीदारों की सूची, 23 पीस मोबाइल सेट, अलग-अलग नेटवर्क प्रोवाइडरों के 17 सिम, एक लैपटाप, 10 विभिन्न बैंकों के खाता पासबुक, पांच चेकबुक, 10 एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, तीन लोगों के वोटर कार्ड और तीन मोटरसाइकिल की बरामदगी की गई है.

उद्भेदन में ये रहे शामिल

बोकारो में देशव्यापी साइबर अपराधियों के गिरोह का भंडाफोड़ करने में साइबर अपराध कोषांग के प्रभारी सह पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) आनंद ज्योति मिंज, बालीडीह थाना प्रभारी सह विशेष कार्य दल के सदस्य कमल किशोर, चास थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक प्रमोद पांडेय, हरला थाना प्रभारी सह विशेष कार्य बल सदस्य नोवेल कुजूर और हरवा थाने के सहायक अवर निरीक्षक मनोज कुमार, साइबर थाना के पुलिसकर्मी भागीरथ महतो, रवि कुमार पटेल, क्यूआरटी गार्ड जय प्रकाश दास, बबलू कुमार, चंद्र मोहन महतो आदि की अहम भूमिका रही.

आपकी प्राइवेसी की कीमत मात्र तीन रुपये

प्रेस वार्ता में एक सवाल जवाब में पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस ने बताया कि विभिन्न ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के नाम पर किया जाने वाला साइबर क्राइम उन कंपनियों के कुछ एक कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया जाता था. कंपनियों के कुछ कर्मचारी मात्र तीन रुपये में कई खरीदारों के सीक्रेट डेटा की जानकारी लीक करते थे और उस तीन रुपये की राशि साइबर अपराधियों तक पहुंचते-पहुंचते बढ़कर 15 रुपये की हो जाती थी. एसपी ने कहा कि इस संदर्भ में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों को भी नोटिस जारी किया जाएगा, ताकि वे भी अपने ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई कर सकें. इसके साथ ही इस मामले की और तह तक पहुंचने का भी प्रयास किया जा रहा है, ताकि और भी लोग किस तरह ठगी का शिकार ना हो सके. उन्होंने कहा बोकारो के लोग इस तरह की साइबर ठगी की जानकारी साइबर थाना के नंबर 7547056666 पर दे सकते हैं.





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