झारखंड में शहरी बेघरों को ठंड से बचाने के लिए कोई योजना न होना दुर्भाग्यपूर्ण- SC

no plan save urban homeless cold Jharkhand SCनई दिल्ली : ठंड बढ़ने के साथ शहरी बेघरों के लिए झारखंड सरकार द्वारा कोई योजना नहीं बनाये जाने को सुप्रीम कोर्ट ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. साथ ही सरकार से जल्द से जल्द ठोस प्रबंध करने कि दिशा में प्रयास करने को कहा है.

जस्टिस मदन बी लोकूर की अध्यक्षता वाली एक पीठ को सूचित किया गया कि झारखंड और जम्मू-कश्मीर राज्य के अलावा अन्य सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने सर्दियों में शहरी बेघरों के लिए कार्य योजना को अंतिम रूप दे दिया है. पीठ ने जब इस बारे में झारखंड के वकील से पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें आज ही निर्देश मिले हैं. उन्होंने अदालत से एक दिन का समय मांगा है. पीठ में न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता भी शामिल थे.




पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि झारखंड सरकार के पास सर्दी के लिए कोई योजना नहीं है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. हमें उम्मीद है कि झारखंड अगले कुछ दिनों एक योजना तैयार कर लेगा. ताकि शहरी बेघरों को सर्दी के मौसम की अनिश्चितताओं से बचाया जा सके.

जम्मू-कश्मीर के लिए पेश वकील ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य में शहरी बेघरों की संख्या करीब 250 है और उन्हें कंबल एवं अन्य सुविधाएं देने का प्रावधान कर दिया गया है. वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता को अगले दो से तीन दिन में कार्य योजना प्रदान कर दी जाएगी.





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