राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 110वीं जयंती पर कवियों ने बांधा समां

राष्ट्रकविधनबाद : ओम दिनकर सेवा ट्रस्ट के सौजन्य से केके आईटीआई बेकारबांध में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 110वीं जयंती के अवसर पर कवि सम्मेलन आयोजित किया गया. जिसमें धनबाद के अलावा बिहार एवं उत्तर प्रदेश के कवियों ने दिनकर की स्मृति में काव्य पाठ किया.

डॉ. संगीता नाथ की कविता की पंक्ति ‘फलक साहित्य का रौशन रहेगा आपसे दिनकर, लहू की रौशनाई से अटल हुंकार लिख डाला’ ने ख़ूब तालियां बटोरी.

दिनेश रविकर ने दिनकर जी को अपनी पंक्तियां समर्पित की-

नमन हे राष्ट्रकवि दिनकर जयतु-जय रामधारी की.
हमेशा सिंह से गरजे, उसी की ही सवारी की.
रथी बनकर बिखेरें रश्मि कुंती-पुत्र की रविकर.
रचे सौ ग्रंथ अलबेले उकेरें खूब बारीकी.

झारखंड के उभरते युवा कवि अनंत महेन्द्र ने ‘ओज की मूरत बनूं, श्रृंगार ऐसा मैं करूं, ओढ़ केसरिया चुनरिया केसरी बन कर फिरूं’ पंक्तियां पढ़कर श्रोताओं की वाहवाही लूटी. डॉ. कविता विकास ने ‘मेरे हिस्से का मुझे आसमान दे दो, मिली नहीं अब तक वो पहचान दे दो’ रचना से समां बांध दिया. मदनमोहन मिश्र ने समसामयिक कटाक्ष करते हुए दुहाई है सरकार, मरे न अच्छे दिन की आस पंक्तियां पढ़ी. अजय मिश्र धुनी ने ‘ख़्वाहिश थी चरागे मोहब्बत की दोस्तों, ज़ालिम ने दिल में आग लगाकर अता किया’ ग़ज़ल पढ़ी. तुषार कश्यप ने मैं कलम भाव बली जाऊँगा, तब काला सूर्य उदित होगा पंक्तियां पढ़ी. हास्य कवि बसन्त जोशी की रचना ‘एक साधु बाबा मुझे बोले देकर एक जंत्री, ले बच्चा इसे लेकर तू बनेगा मंत्री’ पर ठहाके गूंज उठे. शम्भू शरण मंडल ने अपनी ग़ज़ल ‘ लबों पर चाशनी उसके मगर दिल में कटारी है, हमारे दौर की देखो यही फितरत निराली है’ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.




उमेश मिश्र की पंक्ति जीवन के झंझावतों को जितना मैं झेल सका झेला, कुछ तो किस्मत की बातें थी, कुछ क्रूर वक्र का था खेला. राजेश अनुभव की पंक्ति ‘कुछ ज़ख्म मेरे अंतस में लगे, जो रक्त बहा वे शब्द बनें’ से सभी का मन मोहा. ग़ज़लकारा सुमन मिश्रा ने ‘नए ख़ून हमको सिखाने लगे हैं, हमें जैसे कुछ भी पता ही नहीं है’ पंक्तियों से वाहवाही लूटी. मीतू सिन्हा की पति-पत्नी संबंधों पर हास्य रचना पर लोगों ने ठहाके लगाए. हिन्दी निबंध प्रतियोगिता में विजेता बालिकाओं को समिति द्वारा सम्मानित किया गया.

इन्हें किया गया पुरस्कृत

ट्रस्ट द्वारा कराए गए निबंध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को डॉ केके शर्मा ने बुनयादी विद्यालय के गुड़िया कुमारी, नेहा कुमारी, चंदन तिवारी, आदर्श बालिका मध्य विद्यालय के रुचि कुमारी, डॉली कुमारी, रिया कुमारी एवं मध्य विद्यालय की पुष्पा पांडेय को पुरस्कृत किया.

ये थे मौजूद

कार्यक्रम में आयोजन समिति के सदस्यों में ओम दिनकर सेवा ट्रस्ट के सचिव जयप्रकाश नारायण सिंह, नर्मदेश्वर प्रसाद सिन्हा, मृत्युंजय राय, गौरीशंकर पांडेय, सत्येंद्र कुमार, सुरेन्द्र कुँवर, डॉ. के के शर्मा, प्रो. ढाल, डॉ. डी कुमार, सतेंदर शर्मा, प्रो. दिनेश मिश्रा, डी. एस चौबे, महेन्द्र शर्मा, उदय शर्मा इत्यादि उपस्थित थे.





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