खूंटी में पत्थलगड़ी आंदोलन लोकतांत्रिक, माहौल खराब करने के लिए पुलिस प्रशासन दोषी

patthalgadi ghaghra police camp रांची : खूंटी में चल रहे पत्थलगढ़ी विवाद को लेकर विभिन्न संगठनों ने खूंटी का दौरा कर खूंटी के हालात पर अपनी बात रखी. खूंटी के अनिगड़ा, घाघरा उद्बुरू सहित कई क्षेत्र का दौरा करने के दौरान अपनी जांच रिपोर्ट तैयार की है. जिसमें आरोप लगाया गया है कि खूंटी में पत्थलगड़ी आंदोलन लोकत्रांत्रिक तरीके से चल रहे थे. इसके वजूद और मौहोल खराब करने के लिए पुलिस प्रशासन दोषी है. खूंटी के हालात को संवाद के जरिये बदला जा सकता है. साथ ही जांच दल ने आरोप लगाया है कि पूरे इलाके में ग्रामीणों में दहसत का माहौल है. ग्रामीण अपने घरों में आज भी नहीं लौटे हैं. इसलिए पुलिस को घाघरा गांव से पुलिस कैंप हटा लेना चाहिए. घाघरा में हंगामे के दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई थी उसके परिजनों को मुआवजा दिया जाए.




इधर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने विपक्षी दलों के खूंटी दौरे में शामिल होने के लिए प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष  सह पूर्व सांसद डॉक्टर प्रदीप बालमुचू को अधिकृत किया है. उनके साथ खूंटी लोकसभा क्षेत्र की जोनल कोऑर्डिनेटर सह पूर्व मेयर श्रीमती रमा खालको को भी खूंटी जाने का निर्देश दिया गया है. इस बात की जानकारी देते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बताया कि खूंटी की घटना को लेकर प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अजय कुमार ने एक कमिटी का गठन किया था. जिसमें डॉ प्रदीप बालमुचू, रामेश्वर उरांव, कालीचरण मुंडा, नियेल तिर्की एवं रमा खलखो को शामिल किया गया था. पिछले दिनों श्री रामेश्वर उरांव, कालीचरण मुंडा एवं नियेल तिर्की ने खूंटी का दौरा भी किया था.

शाहदेव ने बताया कि जिस तरह से खूंटी का माहौल प्रशासन के संवादहीनता की वजह से खराब हुआ, उसे लेकर कांग्रेस बेहद संवेदनशील है. खूंटी मामले को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने सबसे पहले कालीचरण मुंडा, नियेल तिर्की एवं पीटर मुंडू को खूंटी भेजा था और उन्होंने खूंटी जाकर लोगों से मिलकर वहां के लोगों की भावनाओं से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया था.





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