सरकार-संवेदक विवाद में एनएच 99 व 100 गड्ढ़े में तब्दील, जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे लोग (देखें वीडियो)  

एनएच 99 व 100 गड्ढ़े में तब्दीलविवाद के कारण 88 करोड़ की लागत से बनने वाले एनएच 99 और 100 के निर्माण कार्य पर लगा ग्रहण  

चतरा : चतरा जिले से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 99 व 100 का अस्तित्व खतरे में है. झारखंड-बिहार को जोड़ने वाली जोरी भाया हंटरगंज-डोभी-गया को जोड़ने वाली लाइफ लाइन राष्ट्रीय राजमार्ग 99 व 100 पथ की पहचान अब धीरे-धीरे गुम होती जा रही है. किसी ज़माने में जिले की शान रहे, इस राष्ट्रीय राजमार्ग की पहचान आज सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढ़े व टूटे-फूटे पुल-पुलिया हो गयी है.

गड्ढ़े में सड़क या सड़क में गड्ढ़े के फर्क को समझना अबूझ पहेली बनी

चतरा से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 99 पर सड़क में गड्ढ़ा है, या गड्ढ़े में सड़क यह फर्क महसूस कर पाना एक अबूझ पहेली बन गई है. इस सड़क पर यात्रा करने वाले यात्री अपने-आप को भगवान भरोसे ही समझते हैं. सड़क पर बने बड़े-बड़े तालाबनुमा गड्ढ़ों में मे बरसात का पानी भर जाने से राष्ट्रीय राजमार्ग 99 और 100 तालाब का शक्ल ले चूका है, जिसपर चलना मौत को आमंत्रण देने के बराबर है. सड़क की बदहाली के कारण आज लोग इस पथ पर चलने से भी कतराने लगे हैं. ऐसा नहीं है कि इस पथ पर वाहनों का परिचालन बंद है. प्रतिदिन इस राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क पर हजारों निजी व यात्री और मालवाहक वाहनों का परिचालन होता है, लेकिन सड़क की बदहाली और उसकी जर्जर अवस्था आज लोगों के लिये मौत का सबब बन चुकी है.

डीसी ने भी माना एनएच की हालत बदतर




मामले में जिले के डीसी जितेन्‍द्र कुमार ने भी माना कि एनएच की हालत बहुत खराब है. राज्‍य सरकार और संवेदक में चल रहे विवाद के कारण सड़क निर्माण और जीर्णोद्धार का काम अधर में लटक गया है. सरकार और संवेदक दोनों ओर से कमियां है. मामला कोर्ट में चल रहा है, जल्‍द ही मामला निपटने की संभावना है

सरकार और संवेदक के विवाद में अधर में लटका एनएच 99 के निर्माण व जीर्णोद्धार का काम

राष्ट्रीय राजमार्गों के बदहाली का कारण राज्य सरकार व संवेदक के बीच चल रहा विवाद है. जानकारी के अनुसार चतरा जिले से गुजरकर झारखंड-बिहार को जोड़ने वाली जर्जर एनएच 99 के निर्माण व जीर्णोद्धार का काम हरियाणा के पंचकुला की एमजी सीपीएल प्राईवेट कंस्ट्रक्शन नामक एजेंसी को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सौंपा था. करीब 88 करोड़ की लागत से होने वाले इस निर्माण कार्य को लेकर एनएच ने कार्य एजेंसी के साथ जनवरी 2017 में करार किया था. एकरारनामा के बाद एजेंसी ने निर्देशों के अनुरूप एनएच जीर्णोद्धार कार्य भी शुरू कर दिया था. लेकिन कुछ दिनों बाद ही राज्य सरकार के साथ संवेदक की हुई मापी विवाद के कारण काम बंद हो गया. विवाद आज भी न्यायालय में लंबित है. ऐसे में सरकार व संवेदक विवाद में जहां जनता पीस रही है, वहीं एनएच जीर्णोद्धार व निर्माण कार्य पर भी ग्रहण लग गया है. जबतक मामला सुलझ नहीं जाता तबतक संवेदक कार्य नहीं कराने के मूड में हैं.

तीन मीटर सड़क चौड़ीकरण को लेकर संवेदक और सरकार में चल रहा है विवाद

एनएच जीर्णोद्धार का काम कर रही एजेंसी व सरकार के बीच महज तीन मीटर सड़क चौड़ीकरण का ही विवाद है. इसी तीन मीटर के विवाद में भोले-भाले यात्री असमय ही अपनी जान गवां रहे हैं. सड़क बदहाली का आलम यह है कि प्रत्येक दिन इस सड़क पर छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं. जिसमें या तो लोग अपनी जान गंवा रहे हैं या फिर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं. स्थानीय निवासी और इस सड़क पर चलने वाले यात्री जिला प्रशासन व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से सड़क जीर्णोद्धार कराने की बाट जोह रहे हैं.





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