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पुलिसिया खौफ से खूंटी में आज नहीं हुई पत्थलगड़ी, मास्टरमाइंड युसूफ पूर्ति व समर्थकों के मंसूबों पर फिरा पानी

खूंटी : पत्थलगड़ी, पुलिस और अब सन्नाटा. पुलिस प्रशासन के बढ़ते दबाव के बाद पत्थलगड़ी समर्थकों को रविवार को तीन गांव में किया जाने वाला पत्थलगड़ी कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा. खूंटी और मुरहू प्रखंड के सेनेगुटु, सपारुम और पतराहातु की सड़कों पर पुलिस की दबिश ने पत्थलगड़ी समर्थकों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. सारा दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा. वहीं, पुलिस की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों के चेहरे पर भय साफ झलक रहा था.

युसूफ पूर्ति ने किया था आज पत्थलगड़ी करने का ऐलान

पत्थलगड़ी का मास्टरमाइंड युसूफ पूर्ति ने रविवार को खूंटी और मुरहू प्रखंड के तीन गांवों में पत्थलगड़ी करने का ऐलान किया था. लेकिन आज पहली बार पुलिसिया कार्रवाई से मास्टरमाइंड और उसके समर्थकों को घुटने टेकने पड़े. इस वजह से तीन गांव में पत्थलगड़ी नहीं हुआ. वहीं, खूंटी पुलिस लगातार मास्टरमाइंड और उसके पूरे गैंग को गिरफ्तार करने के लिए गांव में छापेमारी अभियान चला रही है. उम्मीद है उन्हें जल्द ही गिरफतार कर लिया जायेगा.मौके पर एसडीओ प्रणव पॉल ने बताया कि जिला प्रशासन अब पत्थलगड़ी और दीवारों पर सविंधान को अंकित करेगा. जिसमें सरकार की योजना और सविंधान की जानकारी लिखी जाएगी. जिले के अधिकारी ग्रामीणों के बीच योजना पहुंचाने के लिए कोशिशों में जुट गये हैं.




गांव में पसरा सन्नाटा

बता दें कि खूंटी के कोचांग में हुए पांच युवतियों के साथ गैंगरेप की घटना के बाद पत्थलगड़ी समर्थकों ने खूंटी पुलिस को खुली चुनौती देते हुए सांसद कडिया मुंडा के तीन और जिला बल के एक जवान का अपहरण कर लिया था. झारखण्ड सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए पत्थलगड़ी समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया. उसके बाद लगातार जिले में पिछले पांच दिनों से पुलिसिया कार्रवाई हो रही है. जिसके कारण समर्थकों और गांव के ग्रामीणों में खौफ का माहौल है. ग्रामीण अपने घरों को छोड़ भाग गए हैं, जिसके कारण गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. न्यूज 11 की टीम जब गांव पहुंची तो देखा कहीं पत्थर गड़ा हुआ था, तो कहीं गाड़ने की तैयारी थी. पत्थरों पर सविंधान विरोधी बातें लिखी थी, लेकिन शब्द स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे थे. कुछ गांव में ग्रामीण मौजूद थे. उनमें  पोस्टमास्टर रघुनाथ मुंडा भी शामिल थे. पर उन्हें मालूम ही नहीं था कि गांव में क्या होना है.



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