बोकारो में धूमधाम से मनाई गई चित्रगुप्त की पूजा

बोकारो : चित्रगुप्त पूजा का भव्य आयोजन  सेक्टर वन बी रंगमंच के प्रांगण में किया गया. सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष व बच्चों की भागीदारी रही. दवात, कलम एवं खल्ली के साथ भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना कायस्थ लोगों के दवारा सामूहिक रूप से किया गया. कलम के आराध्य भगवान चित्रगुप्त प्रत्येक कर्मों का लेखा जोखा रखते हैं. कायस्थों के आराध्य हैं. आपको बता दें कि यहां भगवान चित्रगुप्त की पूजा पिछले 40 वर्षों से भव्‍य रूप से किया जाता है.

कायस्थों की उत्पत्ति भगवान चित्रगुप्त से ही है. ब्रम्हा की सम्पूर्ण काया से उत्पन्न चित्रगुप्त ज्ञान के भगवान हैं. इनकी दो पत्नियां थीं एक ब्राम्हण और एक क्षत्रि‍य. इसीलिए कायस्थों में दोनों विशेषताएं पाई जाती हैं. कोई भी कायस्थ दीपावली से कलम स्पर्श नहीं करता है.




चित्रगुप्त भगवान के पूजन के पश्चात ही वह कलम स्पर्श करता है. पूरे ब्रम्हाण्ड का लेखा जोखा रखने वाले चित्रगुप्त के वंशज ज्ञान और लेखन के फील्ड में बड़े-बड़े महापुरुष दिए हैं. इसी वंश में स्वामी विवेकानंद, महर्षि महेश योगी, राजेन्द्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री, फिराक गोरखपुरी, अमिताभ बच्चन और हजारों महान हस्तियां जिसने विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन किया. कायस्थों का मूल काम ही लिखना पढ़ना है. भगवान चित्रगुप्त के ये वंशज कलम की ही पूजा करके उससे एक नया इतिहास लिखते हैं. संध्या बेला में रंगारंग भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जायेगा.





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