तस्करों के चंगुल से आजाद हुई 16 नाबालिग, कहा- किया गया है यौन शोषण

Ranchi 16-minor liberated clutches smugglers sexually exploitedरांची: मानव तस्करी की शिकार झारखंड की 16 नाबालिग बच्चियों को मंगलवार को राजधानी एक्सप्रेस से रांची लाया गया. झारखंड बाल संरक्षण आयोग, चंडीगढ़ बाल संरक्षण आयोग और शक्ति वाहिनी जैसी संस्थाओं के द्वारा इन नाबालिगों को मानव तस्करों से मुक्त कराया गया.

रांची पहुंचने के बाद बाल कल्याण समिति रांची ने नाबालिगों का बयान लेकर सभी को उनके घर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई. रिहा किए गए नाबालिगों में रांची, गोड्डा, गुमला, साहेबगंज, लोहरदगा, सिमडेगा, पाकुड़, गिरिडीह व चाईबासा की लड़कियां शामिल हैं. शक्ति वाहिनी ने दिल्ली और आसपास रहने वाले नाबालिगों को भी मुक्त कराया है.




बताया जा रहा है कि इन नाबालिगों को मानव तस्करों ने बहला-फुसला कर और प्रलोभन देकर दिल्ली में बेच दिया था. वहां उनसे नौकर-नौकरानी का काम कराया जाता था. लड़कियों का कहना है कि उनके साथ मारपीट और उन्हें प्रताड़ित भी किया जाता था. इतना ही नहीं उनका शारीरिक शोषण भी किया जाता था. उन्हें मजदूरी भी नहीं दी जाती थी. इन नाबालिगों में सबसे दर्दनाक स्थिति गोड्डा की बच्ची की है, जिसके साथ मानव तस्कर रोहित मुनि  ने दुष्कर्म किया है. इस काम में उसकी पत्नी प्रभा मुनि भी साथ देती थी. विरोध करने पर उन नाबालिगों के साथ मारपीट की जाती थी.

झारखंड बाल स्संरक्षण आयोग ने बच्चों के बयान के आधार पर पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करने की बात कही है. साथ ही पीड़ितों को मुआवजा देने, नाबालिगों को सुरक्षा देने, पुनर्वास जैसे आवश्यक कदम उठाने की बात कही है. इसकी रिपोर्ट रांची बाल आयोग को सौंपी जाएगी.





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